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प्रयागराज: अग्निशमन सेवा स्मृति दिवस में शहीद कर्मियों को दी गई श्रद्धांजलि

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फायर रैली के माध्यम से लोगों को आग से बचाव की दी गई जानकारी, बांटे गए सुरक्षा के पंपलेट

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प्रयागराज (राजेश सिंह)। जिले के फायर स्टेशन सिविल लाइंस, फायर स्टेशन हाईकोर्ट, नैनी, मेजा, बारा, कोरांव, हंडिया, फूलपुर, सोरांव सहित शहर के मुख्य अग्निशमन कार्यालय पर रविवार को अग्निशमन सेवा स्मृति दिवस मनाया गया। इस दौरान सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुष्प अर्पित कर शहीद अफायरमैनों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना किया। इसी के साथ अग्निशमन सेवा सप्ताह की शुरूआत हुई। इस दौरान दमकल वाहनों ने आग से बचाव के लिए जागरूकता रैली निकाला।

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मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ आर के पाण्डेय ने रैली में शामिल दमकल वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। फायर रैली अग्निशमन अधिकारी राजेश कुमार के निर्देशन में सिविल लाइंस फायर स्टेशन से लोक सेवा आयोग, पत्रिका चौराहा, एजी आफिस होते हुए गिरजाघर चौराहा, सुभाष चौराहा, नवाब युसूफ रोड होते हुए रेलवे स्टेशन, जानसेनगंज, रामबाग, मेडिकल चौराहा होते हुए हनुमान मंदिर सिविल लाइंस पर समाप्त किया गया। इस दौरान रैली के द्वारा नागरिकों को अग्नि सुरक्षा के पंपलेट बांटे गए और सुरक्षा की जानकारी दी गई। 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान फायरकर्मी गांव गांव जाकर लोगों को आग से बचाव के इंतजाम और आग लगने पर सुरक्षा के लिए जागरूक करेंगे।

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सीएफओ डॉ आर के पाण्डेय ने बताया कि मुंबई बंदरगाह पर 14 अप्रैल 1944 को एसएस फोर्ट स्टीकिन नामक माल वाहक जहाज में आग लग गई थी। लगी आग पर काबू पाने के प्रयास में 66 फायरमैन शहीद हो गए थे। तभी से शहीदों की याद में हर साल 14 अप्रैल को अग्निशमन सेवा दिवस मनाया जाता है और 14 से 20 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह मनाया जाता है। इस दौरान फायरकर्मी दमकल वाहन के साथ हर गांवों में जाकर लोगों को आग से बचाव के उपाय की जानकारी देंगे।

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सीएफओ ने ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुझाव देते हुए बताया कि खेत खलिहान तालाब या अन्य पानी के साधनों के आसपास स्थापित करें। खलिहान से लगभग 100 फीट की दूरी पर खाना पकाएं। पुआल व गोबर के उपलों के ढेर को सूख जाने के बाद निवास स्थान से कम से कम 100 फीट की दूरी पर रखें। चूल्हे व ईंधन की चिंगारियों व गरम राख को पूरी तरह ठंडा करके ही फेंके। रसोई घर की छत टीन शेड से बनाएं यदि घास फूस से बनाते हैं तो उसके चारों तरफ मिट्टी का लेप जरूर लगाएं। गैस चूल्हे को हमेशा गैल सिलिंडर के ऊपर रख कर खाना पकाएं। लीकेज की दशा में रेगुलेटर की नाव बंद कर दें और ज्वलनशील सामानों से दूर रखें। रात में सोते समय गैस सिलिंडर बंद कर दें।

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