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रंगभरी एकादशी पर नहीं हो सकेगा बाबा का स्पर्श दर्शन

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वाराणसी। रंगभरी एकादशी पर काशी विश्वनाथ धाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस तैयारी में जुट गई है। इस संबंध में डीसीपी सुरक्षा सूर्यकांत त्रिपाठी की अध्यक्षता में पिनाक भवन सभागार में बैठक हुई।

तय किया गया इस दिन श्रद्धालुओं को नंदूफारिया मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा। बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन पर पूरी तरह से रोक रहेगी। शुलभ टिकट दर्शन दो बजे तक मिलेगा। मैदागिन से गोदौलिया चौराहे तक नो व्हिकल जोन रहेगा। बैठक में तय किया गया कि मुख्य मंदिर परिसर को चार भाग में बांटकर दर्शनार्थियों के जल्द निकासी के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन-पूजन कराने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग एवं जिग-जैग की व्यवस्था की जाएगी। मुख्य मंदिर परिसर में बल्ली से मजबूत बैरिकेडिंग होगी।

रंगभरी एकादशी के दिन श्रद्धालुओं को बैग, मोबाइल फोन, मोबाइल एसेसरीज व अन्य प्रतिबंधित सामग्रियों को साथ लेकर मंदिर परिसर में आने की अनुमति नहीं रहेगी। वह अपने साथ सिर्फ माला, फूल, प्रसाद, गंगाजल, अबीर-गुलाल एवं दूध ही ला सकेंगे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल और छाया की व्यवस्था की जाएगी। परिसर में आपात चिकित्सा, खोया-पाया केंद्र, पुलिस सहायता केंद्र और पर्याप्त संख्या में लाऊडहेलर, लाऊडस्पीकर की व्यवस्था रहेगी। पूरे परिसर की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाएगी।

गलियों एवं मुख्य मार्ग से धाम आने वाले श्रद्धालुओं को सुगमता पूर्वक आने-जाने के लिए अतिरिक्त पुलिस तैनात करने के निर्देश एसीपी दशाश्वमेध, थाना प्रभारी दशाश्वमेध व चौक को दिया गया है। बैठक में एडीसीपी सुरक्षा ममता रानी, एसीपी आलोक कुमार आदि रहे।

कल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाएं कर सकेंगे बाबा विश्वनाथ के सुगम दर्शन

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च शनिवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम प्रशासन ने महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था के अंतर्गत बाबा विश्वनाथ का सुगम दर्शन कराने की व्यवस्था की है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण ने बताया कि महिलाओं को उस दिन प्रवेश द्वार क्रमांक 4-बी से सुगम प्रवेश देकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि विश्व की एकमात्र सभ्यता सनातन सभ्यता है जो महिलाओं को देवी स्वरूपा पूज्य मानती है। ऐसे में उनके दिवस विशेष पर मंदिर प्रशासन ने उन्हें सुविधा सुलभ कराने का प्रयास किया है। द्वार क्रमांक 4-बी से भोर में व सायंकाल चार से पांच बजे काशीवासियों को सुगम दर्शन का लाभ दिया जाता है। इन दोनों समय को छोड़कर शेष संपूर्ण अवधि में उस द्वार से महिलाएं चाहें तो एकल या अपने बच्चों के साथ आकर बाबा का सुगम दर्शन-पूजन कर सकती हैं।

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