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अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा केशव मौर्य को ही सीएम बनाना चाहिए

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प्रयागराज (राजेश सिंह)। माघ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर अपने शिविर के सामने छह दिन से धरने पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की तारीफ की है। कहा कि ऐसे ही समझदार व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए था। तभी प्रदेश के लिए कुछ अच्छा होता। 

संगम की रेती पर आयोजित हो रहे माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और मेला प्रशासन के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद के बयान पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को कहा कि मामले का पटाक्षेप हो जाना चाहिए। इसका मतलब वह (डिप्टी सीएम) यह मानते हैं कि उनके अधिकारियों से कुछ गलती हो गई है। उनका यह समझदारी भरा बयान है। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक सही सच सामने रखी है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि बीजेपी को ऐसे ही समझदार व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनना चाहिए था। तो प्रदेश के लिए भी यह अच्छा होता। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने माघ मेले के चौथे स्नान पर्व वसंत पंचमी पर सोमवार को स्नान नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह मौनी अमावस्या पर शिविर से संगम स्नान के लिए निकले थे लेकिन प्रशासन द्वारा गंगा स्नान से रोके जाने के बाद अभी तक उनके लिए मौनी अमावस्या का मुहूर्त चल रहा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस विवाद के पटाक्षेप को लेकर कहा कि इसकी शुरुआत मेला प्रशासन ने की है लेकिन अब तक मेला प्रशासन ने कोई संपर्क नहीं किया है।

उन्होंने कहा हम तो शिविर के बाहर बैठे हुए हैं क्या कुछ हो रहा है आप लोग बेहतर जानते है। पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के वसंत पंचमी पर बिना पालकी के स्नान करने के सवाल पर कहा कि यह उनकी इच्छा है। शंकराचार्य की इच्छा पर अंकुश नहीं लगा सकते हैं। शंकराचार्य को यह नहीं कह सकते कि तुम पैदल जाओ उतरो पालकी से। शंकराचार्य से यह भी नहीं कह सकते कि तुम पैदल नहीं जा सकते चढ़ो पालकी पर।

उन्होंने कहा कि पुरी के शंकराचार्य की इच्छा का विषय है। वह पैदल जाना चाहते हैं तो पैदल जा रहे हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यह कहा है कि उनकी टेक तब तक बनी रहेगी। जब तक प्रशासन ससम्मान उन्हें गंगा स्नान नहीं कराता है। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा भविष्य के लिए सुनिश्चित घोषणा नहीं कर दी जाती है। वहीं अपने स्वास्थ्य को लेकर कहा कि पूरब की हवा में ज्यादा देर बैठने से शरीर में थकान आ गई थी। 

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य ने कहा कि अभी ओढ़ कर हमने अपने आप को बचा लिया है। अब मैं ठीक हूं। वहीं सोमवार को गोप्रतिष्ठा यात्रा न निकाले जाने के सवाल पर कहा कि वसंत पंचमी पर ज्यादा भीड़ को देखते हुए आज यात्रा स्थगित थी, लेकिन कल फिर से यात्रा अनवरत जारी रहेगी।

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