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एक सप्ताह में एक करोड़ ने किया संगम स्नान

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प्रयागराज (राजेश सिंह)। मेला प्रशासन के अनुसार प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होने की संभावना है। प्रमुख स्नान पर्वों पर 10 से 12 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। 

स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित मेले में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। तीन से नौ जनवरी की दोपहर तक करीब एक करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान किया। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच मुख्यमंत्री पहली बार मेले में पहुंचेंगे। वह लगभग पांच घंटे 40 मिनट तक प्रयागराज में रहेंगे।

संभावना है कि मुख्यमंत्री मेला क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी कर सकते हैं। उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारी तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए संगम नोज को भव्य रूप से सजाया गया है। सभी पांटून पुलों की सुंदरता बढ़ाई गई है और संगम में संचालित नावों को रंगों से सजाया गया है।

नाविकों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना सुरक्षा जैकेट किसी भी श्रद्धालु को नाव पर न बैठाया जाए। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को लेकर भी व्यापक तैयारी की गई है।

मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि पहली बार मेले को ऊर्जा चक्रों की थीम पर आधारित करते हुए सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए घाटों की लंबाई पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ाकर 2.98 किमी कर दी गई है। पैदल श्रद्धालुओं के लिए अलग पांटून पुल निर्धारित किया गया है, ताकि आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता के व्यापक इंतजाम किए गए है।

मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इंतजाम

- 9 पांटून पुल

- 2 केंद्रीय चिकित्सालय

- 50 एंबुलेंस

- 5 आयुर्वेदिक एवं 5 होम्योपैथिक चिकित्सालय

- 12 प्राथमिक उपचार केंद्र

- 25 हजार शौचालय

- 3 हजार स्वच्छाग्रही

- 42 पार्किंग स्थल

- अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली

- विद्युत खंभों पर क्यूआर कोड आधारित सुविधा प्रणाली

 मुख्य स्नान पर्वों पर 10 से 12 करोड़ श्रद्धालुओं का अनुमान

मेला प्रशासन के अनुसार प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होने की संभावना है। प्रमुख स्नान पर्वों पर 10 से 12 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसे लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री प्रमुख स्नान पर्वों की व्यवस्थाओं की समीक्षा भी कर सकते हैं।

मकर संक्रांति - 15 जनवरी

मौनी अमावस्या - 18 जनवरी

वसंत पंचमी - 23 जनवरी

माघी पूर्णिमा - 1 फरवरी

महाशिवरात्रि - 15 फरवरी


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