प्रयागराज (राजेश सिंह)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का आज शनिवार को प्रयागराज आगमन हुआ। उन्होंने प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न नवनिर्मित सुविधाओं का लोकार्पण किया। इसमें देवालय, संगोष्ठी हाल, इंटरेक्टिव पैनल वाले 55 कक्षा कक्ष, 100 कंप्यूटर वाला डेटा सेंटर, कृषि संकाय की आठ, फार्मेसी की चार प्रयोगशालाएं सहित 25 सुविधाएं शामिल हैं।
राज्यपाल के आगमन को लेकर परिसर में सुबह से ही उत्साह और तैयारियों का माहौल रहा। हेलीकाप्टर में तकनीकी गड़बड़ी की वजह से निर्धारित कार्यक्रम से लगभग डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचीं। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में विकसित की गई आधुनिक प्रयोगशालाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं का शुभारंभ कर शैक्षणिक एवं तकनीकी विकास को नई दिशा दी।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान केवल भवनों से नहीं, बल्कि वहां उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों और शोध सुविधाओं से होती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रयोगशालाएं और डेटा सेंटर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुसंधान के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएंगे। विशेष रूप से कृषि और फार्मेसी जैसी प्रयोगशालाएं छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में आधुनिक तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है। सीसीटीवी निगरानी प्रणाली और डेटा सेंटर जैसी सुविधाएं न केवल प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाएंगी, बल्कि सुरक्षा और डिजिटल प्रबंधन को भी अधिक प्रभावी बनाएंगी।
कुलपति ने राज्य विश्वविद्यालय के परिणाम को लेकर हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को डिस्प्ले कर देना चाहिए ताकि अभिभावक, विद्यार्थी और छात्र उत्तर पुस्तिकाओं को देख सकेंगे। उन्होंने आंदोलन के नाम पर माहौल बिगाड़ने की बढ़ती प्रवृति को गलत बताया।
राज्यपाल ने कहा कि ईरान इसराइल बनाम अमेरिका युद्ध के कारण रसोई गैस गैस से लेकर कच्चे तेल की आपूर्ति का संकट खड़ा है। यह हमारे लिए चेतावनी है। ऐसे में हमें विशेष तौर पर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा।
राज्यपाल ने विलंब से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर नाखुश भी हुईं। कहा कि तकनीकी स्टाफ को प्रस्थान समय से एक घंटा पहले ही हेलीकॉप्टर की जांच करनी चाहिए थी। यदि वह ऐसा करते तो उनको विलंब नहीं होता।
