प्रयागराज (राजेश सिंह)। कोडीनयुक्त कफ सीरप को लेकर तफ्तीश में जुटी पुलिस के सामने चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पता चला है कि प्रयागराज के अतरसुइया निवासी विनोद कुमार वर्मा की फर्म का नेटवर्क गाजियाबाद से लेकर बलिया तक फैला हुआ है।
उसके सिंडीकेट में करीब 30 लोग शामिल हैं, जो अलग-अलग स्तर पर काम करते हैं। उनकी पहचान करते हुए पुलिस अब साक्ष्य संकलित करते हुए कानूनी शिकंजा कसने की कवायद तेज कर दी है। इसी फर्म से जुड़े करीब 12 लोग विभिन्न जनपदों से गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि कई की तलाश की जा रही है।
फरवरी 2026 में औषधि निरीक्षक की ओर से अतरसुइया, एयरपोर्ट, पूरामुफ्ती और नवाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद पुलिस अलग-अलग आरोपितों को गिरफ्तार करके जेल भेजा। सोनभद्र पुलिस ने हाल ही में बलुआघाट अतरसुइया निवासी विनोद कुमार वर्मा और उसके बेटे संस्कार वर्मा को गिरफ्तार किया।
तब उनसे पूछताछ की गई। बयान के आधार अभिलेख खंगाले गए और मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट भी निकलवाई गई। पुलिस को पता चला कि विनोद वर्मा की फर्म मेसर्स ओम साईं फार्मास्यूटिकल का नेटवर्क गाजियाबाद से लेकर बलिया तक फैला हुआ है।
पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल के लगभग 30 लोग ऐसे हैं जो इस फर्म के जरिए कोडीनयुक्त कफ सीरप के भंडारण और सप्लाई का काम देखते थे। खरीद और बिक्री में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई थी। इसी फर्म के खिलाफ गाजियाबाद, उसके बाद प्रयागराज और फिर सोनभद्र में मुकदमा लिखा गया।
विवेचना में पुलिस को अहम तथ्य मिले हैं, जिसके आधार पर बाकी लोगों की पहचान की जा रही है। इसके साथ ही नेटवर्क में शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सके। इंस्पेक्टर अतरसुइया राममूर्ति यादव का कहना है कि अवैध कफ सीरप से जुड़े लोगों के बारे में कई जानकारी मिली है। विनोद और उसके बेटे का बी-वारंट भी बनवाया जा रहा है।
