प्रयागराज (राजेश सिंह)। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) शंकरगढ़ का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सीय सेवाओं, साफ-सफाई, मानव संसाधन की उपस्थिति, प्रयोगशाला, प्रसव कक्ष तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण में विभिन्न स्तरों पर कमियां एवं लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण में पाया गया कि आरबीएसके की दोनों टीमें वाहन उपलब्ध न होने के कारण फील्ड विजिट नहीं कर रही थीं, जबकि दोनों वाहनों का भुगतान अगस्त 2026 तक किया जा चुका है। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी शंकरगढ़ को निर्देशित किया कि उक्त दोनों वाहनों के स्थान पर तत्काल नए वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि आरबीएसके टीमों की फील्ड गतिविधियां नियमित एवं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।
बीपीएचयू के निरीक्षण के दौरान बेसिन में बड़ी संख्या में उपयोग की गई स्लाइड्स पड़ी हुई मिलीं। इनके उचित निस्तारण की व्यवस्था न किए जाने पर एलटी योगेश को स्पष्टीकरण पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। बीपीएचयू एवं अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। डस्टबिन में काफी मात्रा में अपशिष्ट पाया गया। प्रयोगशाला कक्ष में मरीजों एवं अन्य लोगों की लंबी भीड़ भी पाई गई। संबंधित अधिकारियों को साफ-सफाई एवं मरीजों की सुविधा की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
प्रसव कक्ष के निरीक्षण में पाया गया कि अंतिम प्रसव प्रातः लगभग 09:00 बजे हुआ था, जबकि जच्चा-बच्चा को लगभग 12:30 बजे ही डिस्चार्ज कर दिया गया। प्रसव कक्ष में एक्सपायरी निडिल भी पाई गई। इस पर स्टाफ नर्स रूपा पाण्डेय एवं सरिता को कठोर चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रसव कक्ष में दवाओं एवं उपभोग्य सामग्री की नियमित जांच तथा मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उपस्थिति पंजिका की जांच में प्रदुम्न सिंह (बीएचडब्लू), धर्मेंद्र एवं अमित कुमार सिंह (वार्ड ब्वॉय), जयपाल सिंह (हेल्थ सुपरवाइजर), उदय प्रताप सिंह (डीआरए), अरुण कुमार (एआरओ), सिराजुद्दीन (LT-NTEP) तथा आरती सिंह (कोल्ड चेन हैंडलर) अनुपस्थित पाए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा इन सभी का आज का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय की समग्र व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार न पाए जाने पर चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी शंकरगढ़ को चेतावनी देते हुए निर्देशित किया गया कि वे स्वयं चिकित्सालय का प्रतिदिन नियमित राउंड करें तथा चिकित्सालय में साफ-सफाई, स्टाफ की उपस्थिति, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, दवाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करते हुए सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित कराना सुनिश्चित करें। निर्देशित किया कि स्वास्थ्य स्वास्थ्य इकाइयों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अनधिकृत अनुपस्थिति, साफ-सफाई में लापरवाही, जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के अनुचित निस्तारण, एक्सपायरी सामग्री के उपयोग/भंडारण तथा स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण में पाई गई कमियों का तत्काल निराकरण कर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
