जांच में भी 1998 से तैनाती का खुलासा
नायब लिपिक से नकल नवीस और सहायक राजस्व लेखाकार तक कई पदों पर किया काम, अब भी कोरांव में तैनाती; शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांगी कार्रवाई
प्रयागराज (राजेश सिंह)। कोरांव तहसील में एक कर्मचारी की लंबे समय से चली आ रही तैनाती को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मंडलायुक्त प्रयागराज को की गई शिकायत और उसके आधार पर तैयार की गई जांच आख्या में संतोष कुमार बिंद के वर्ष 1998 से लगातार तहसील कोरांव में कार्यरत रहने का उल्लेख सामने आया है। शिकायतकर्ता सुनील कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि करीब 28 वर्षों से एक ही तहसील में अलग-अलग पदों पर तैनाती के बावजूद कर्मचारी का स्थानांतरण नहीं किया गया।
मामले से संबंधित उपलब्ध अभिलेख में शिकायत संख्या 3444 दर्ज है और जांच आख्या पर 30 जुलाई 2026 की तारीख अंकित है। शिकायतकर्ता की ओर से मामले को प्रशासन के संज्ञान में लाते हुए लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
1998 से कोरांव में अलग-अलग पदों पर तैनाती
जांच आख्या में दर्ज विवरण के मुताबिक संतोष कुमार बिंद वर्ष 1998 से तहसील कोरांव में अलग-अलग पदों पर कार्य करते रहे हैं। अभिलेख में उनके द्वारा विभिन्न पदों पर काम किए जाने का उल्लेख है, जिनमें आय-लिपिक, कोषागार सहायक, नकल नवीस, सहायक राजस्व लेखाकार और नायब नाजिर जैसे पद शामिल हैं। वर्तमान समय में भी उनकी तैनाती कोरांव तहसील में होने की बात जांच रिपोर्ट में दर्ज है।
यानी पद बदलते रहे, लेकिन तहसील नहीं बदली। यही बिंदु अब शिकायत का सबसे बड़ा आधार बन गया है।
___शिकायत के बाद हुई जांच, अभिलेखों से सामने आया तैनाती का लंबा इतिहास
शिकायतकर्ता सुनील कुमार सिंह ने इस मामले को प्रशासन के समक्ष उठाया। इसके बाद प्रकरण की जांच कराई गई। 30 जुलाई 2026 की जांच आख्या में अभिलेखों के आधार पर वर्ष 1998 से कोरांव तहसील में कार्यरत रहने की बात दर्ज होना शिकायत को गंभीर बना रहा है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इतने लंबे समय तक किसी कर्मचारी का एक ही तहसील में बने रहना प्रशासनिक पारदर्शिता और स्थानांतरण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। उन्होंने संबंधित कर्मचारी को कोरांव से हटाकर किसी अन्य तहसील अथवा कार्यालय में तैनात किए जाने की मांग की है।
____स्थानांतरण संबंधी पत्र का भी जांच में उल्लेख
प्रकरण से जुड़े दस्तावेज में मई-जून 2026 के दौरान संतोष कुमार बिंद के कलेक्ट्रेट प्रयागराज स्थानांतरण संबंधी पत्र का भी उल्लेख किया गया है। इसके बावजूद लंबे समय से चली आ रही कोरांव तैनाती का मामला अब फिर सुर्खियों में है।
शिकायतकर्ता का सवाल है कि यदि स्थानांतरण संबंधी आदेश जारी हुआ था तो उसकी प्रभावी अनुपालना क्यों नहीं हुई और करीब तीन दशक से एक ही तहसील में सेवा कर रहे कर्मचारी की तैनाती को लेकर अब तक ठोस निर्णय क्यों नहीं लिया गया।
28 साल की तैनाती बनी प्रशासन के लिए बड़ा सवाल
मामला सिर्फ एक कर्मचारी के स्थानांतरण तक सीमित नहीं है। करीब 28 वर्षों तक एक ही तहसील में अलग-अलग पदों पर कार्य करने का तथ्य सामने आने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती की प्रशासनिक वजह क्या रही।
शिकायतकर्ता ने मंडलायुक्त से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, लंबे समय तक एक ही तहसील में तैनाती के कारणों की पड़ताल हो और शासन के स्थानांतरण संबंधी प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाए।
