दिसंबर तक विवाह की शुभ तिथियां कब-कब हैं?
प्रयागराज (राजेश सिंह)। ग्रह-नक्षत्रों की चाल बदलने से विवाह व हर शुभ कार्यों पर रोक लग गई है। विवाह के लिए माहभर से अधिक समय तक प्रतीक्षा करनी होगी। अक्षय तृतीया 20 अप्रैल से विवाह पुन: आरंभ होगा। सनातन धर्म के मर्मज्ञों के अनुसार अप्रैल से दिसंबर तक विवाह के 29 मुहूर्त हैं।
14 मार्च की रात से खरमास आरंभ होगा
ज्योतिर्विद पंडित कमला शंकर उपाध्याय के अनुसार 14 मार्च की रात 3.36 बजे सूर्य का मीन राशि में प्रवेश होगा। इसके साथ खरमास आरंभ हो जाएगा। खरमास में विवाह व शुभ कार्य करने पर रोक है। वहीं, 14 अप्रैल को दिन में 11.45 बजे सूर्य स्थान बदलकर मेष राशि में आएंगे। इसके साथ खरमास समाप्त हो जाएगा। 20 अप्रैल अक्षय तृतीया से विवाह शुरू हो जाएगा। वहीं, 17 मई से 14 जून तक मलमास रहेगा, जिसमें शुभ कार्य नहीं होंगे।
खरमास में शुभ कार्य नहीं होंगे
ज्योतिर्विद पंडित कमला शंकर उपाध्याय के अनुसार आने वाले दिनों में खरमास, मलमास व चातुर्मास लगेगा, जिसमें विवाह व दूसरे शुभ कार्य नहीं होंगे। यह कालखंड आराध्य के प्रति समर्पण स्थापित करने का पुण्य अवसर रहेगा। जप-तप के माध्यम से सनातन धर्मावलंबी आराध्य को रिझा सकेंगे। साधना व समर्पण में विघ्न न पड़े, इसी कारण उस दौरान दूसरे कार्यों की व्यस्तता कम रहती है, जिससे गृहस्थ भी समर्पित भाव से जप-तप कर सकें।
विवाह की प्रमुख तारीख
- अप्रैल माह : 20, 21, 25, 27, 28 व 30 तारीख
- मई माह : पांच, सात, 11 व 12 मई
- जून माह : 18, 21, 22, 24, 26 व 27 जून
- जुलाई माह : एक, छह व सात जुलाई। फिर 17 जुलाई को सूर्य दक्षिणायण हो जाएंगे। यहीं से चातुर्मास आरंभ होगा। इसमें विवाह व दूसरे शुभ कार्य नहीं होंगे। गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई मनाई जाएगी।
- नवंबर माह : 20, 21, 24, 25 व 30 नवंबर
- दिसंबर माह : दो, तीन, पांच, नौ व 11 दिसंबर। इसके बाद 16 दिसंबर की रात 8.06 बजे से खरमास लग जाएगा। फिर 15 जनवरी 2027 को सूर्य के उत्तरायण होने पर शुभ कार्य आरंभ होगा।
