प्रयागराज (राजेश सिंह)। गाय कोई साधारण पशु नहीं बल्कि मां हैं। गोमाता की रक्षा के लिए स्वयं भगवान को पृथ्वी पर अवतार लेना पड़ा। आज वही गो माता बेसहारा बनकर दर दर की ठोकर खा रही हैं। भारत में गाय चिंता का विषय है, जबकि विदेशों में गोमाता चिंतन का विषय बन चुकी हैं। यह बातें विहिप गो रक्षा विभाग के केंद्रीय मंत्री सुरेंद्र लांबा ने कही।
वह शंकराचार्य आश्रम अलोपीबाग में 22 जिलों से आए कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति को गोसेवा के लिए प्रेरित किया। कहा, समृद्धि का मार्ग यहीं से होकर गुजरता है। प्रांत अध्यक्ष भोला नाथ मिश्र ने गोशालाओं के निर्माण, जैविक कृषि, किसान सम्मेलन आदि पर बल दिया। कहा, समाज के बीच इस संदेश को लेकर जाना होगा। अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ें इसके लिए हम सब को प्रयास करना है।
गोरक्षा प्रांत मंत्री लाल मणि तिवारी ने कहा, रोजगार युक्त नौजवान, कर्ज मुक्त किसान, स्वस्थ भारत व समर्थ भारत की परिकल्पना के साथ गोरक्षा अभियान को तेज करें। संपूर्ण जागरण होगा तभी समाज में गो माता की उपयोगिता के प्रति लोग सजग होंगे और गोमाता सुरक्षित रहेंगी।
इस मौके पर प्रांत मंत्री ने जिला व प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों की घोषणा करते हुए गोवंशों की रक्षा, गो संरक्षण व संवर्धन तथा जैविक कृषि के लिए संकल्प दिलाया। बैठक में जितेंद्र, नवीन, सुशील चतुर्वेदी, विष्णुकांत, अशोक मिश्र, कुंदन सिंह, वंदना गौतम, विष्णु दुबे, शशिकांत, महेंद्र शुक्ल आदि मौजूद रहे।
