पटना। लालू प्रसाद के बड़े पुत्र और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने यूजीसी के 'Promotion of Equity in Higher Educational Institutions Regulations 2026' कानून का स्वागत किया है।
इसके साथ ही इस कानून के विरोध में मचे घमासान पर उन्होंने विरोध करने वालों को सोशल मीडिया पर 'अल्पज्ञानी' करार दिया है। अपने एक्स (X) हैंडल पर पोस्ट में तेज प्रताप यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार यह कानून गरीब, दलित, पिछड़ा और अति पिछड़ा समाज के छात्रों के हित में एक ऐतिहासिक कदम है।
संविधान में दिए अधिकारों को मिलेगी मजबूती
उन्होंने बताया कि नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनाई जाएगी, जो एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतों को सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा सुनिश्चित करेगी। तेज प्रताप ने लिखा- 'यह कानून विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को समानता प्रदान करेगा और संविधान में दिए गए अधिकारों को और मजबूत करेगा।' उन्होंने लिखा कि जनशक्ति जनता दल और उनकी पार्टी इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करते हैं, क्योंकि यह दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के छात्रों के हित में है।
दलित, आदिवासी और पिछड़े भी सनातनी
साथ ही तेज प्रताप ने उन लोगों को भी आड़े हाथों लिया जो इस कानून को सनातन परंपरा से जोड़कर देख रहे हैं, उन्होंने कहा कि शायद उन अल्पज्ञानी लोगों को यह नहीं पता कि दलित, आदिवासी और पिछड़ा समाज भी सनातन के अंतर्गत आते हैं और ये हमारे भाई-बहन हैं।
तेज प्रताप यादव के इस बयान से साफ है कि पार्टी शिक्षा में समानता और न्याय की दिशा में कदम बढ़ाने वाले कानूनों के पक्ष में खड़ी है और छात्रों के हितों की रक्षा को सर्वोपरि मानती है।
