अंतिम चरण में 40 हजार पेयजल योजनाओं का काम
लखनऊ। प्रदेश के सभी गांवों को जल्द ही नल से शुद्ध पेयजल की सुविधा मिलने वाली है। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में 40 हजार से अधिक ग्रामीण पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। योजनाएं पूरी होते ही गांवों में नल से पानी की नियमित आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
इसके साथ ही हर गांव में पांच महिलाओं को पानी की गुणवत्ता जांच का प्रशिक्षण दिया गया है। दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्री स्तरीय नीतिगत संवाद में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के अधिकांश गांवों में जल जीवन मिशन का काम पूरा हो चुका है, जिससे ग्रामीण परिवारों खासकर महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है।
15 अगस्त 2019 तक प्रदेश में केवल 5.16 लाख ग्रामीण परिवारों (करीब 1.93 प्रतिशत) को ही नल से जल मिल पाता था, जबकि आज 85 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुंच चुका है।
योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए निर्माण एजेंसियां ही 10 साल तक इनका संचालन और रखरखाव करेंगी। इसका खर्च राज्य सरकार उठाएगी। बिजली खर्च कम करने के लिए 80 प्रतिशत से अधिक योजनाएं सौर ऊर्जा आधारित बनाई गई हैं, जिससे लागत करीब 50 प्रतिशत तक घटेगी।
