कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली के जवाब में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को हुगली जिले के सिंगूर में एक सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी और जनसभा को संबोधित करेंगी। सिंगुर में सभा के बाद ममता सीधे नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी।
मालूम हो कि हाल में बीते 18 जनवरी को पीएम मोदी ने सिंगुर में कई सौ करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शुभारंभ के साथ एक जनसभा को संबोधित किया था। इसके जवाब में ममता ने भी सिंगुर में सभा करने की घोषणा की थी।
करीब दो दशक पहले पूर्ववर्ती वाममोर्चा सरकार के खिलाफ ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस द्वारा चलाए गए भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के कारण टाटा की बहुचर्चित नैनो कार परियोजना सिंगुर से गुजरात स्थानांतरित हो गई थी। बहुचर्चित सिंगुर और नंदीग्राम के दोहरे आंदोलनों की बदौलत ही वर्ष 2011 के चुनाव में ममता ने बंगाल में वाममोर्चे के 34 वर्षों के लंबे शासन को समाप्त कर दिया था।
इधर, दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री बंगाल समेत कई राज्यों में चल रहे एसआइआर के खिलाफ विपक्षी दलों के बीच व्यापक सहमति बनाने की कोशिश करेंगी। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के साथ अलग से बैठक भी करेंगी। इस बैठक में वह संसद के बजट सत्र के दौरान पार्टी के रुख और रणनीति के बारे में सांसदों को दिशा-निर्देश देंगी।
बताया जा रहा है कि बजट सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस संसद में बंगाल में चल रहे एसआइआर का मुद्दा जोर-शोर से उठा सकती है। तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में चल रही एसआइआर प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। पार्टी का दावा है कि इस प्रक्रिया के दौरान 100 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है, जिसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को लेनी चाहिए।
