नई दिल्ली। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन ने हर किसी को सदमे में डाल दिया। पवार परिवार के इस दुख की घड़ी में परिवार की एकता सामने आई है। चुनावी मैदान में अजित पवार और सुप्रिया सुले एक-दूसरे के प्रतिद्वंदी के तौर पर रहे। लेकिन भाई अजित पवार के निधन ने एनसीपी के दोनों गुटों को साथ खड़ा कर दिया। सुप्रिया सुले, अजित पवार की पत्नी और अपनी भाभी सुनेत्रा पवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती नजर आई। इस दुख की घड़ी में सुप्रिया ने हर वक्त अपनी भाभी का हाथ थामे रखा।
सुप्रिया सुले ने थामा भाभी सुनेत्रा का हाथ
बुधवार, 28 जनवरी को अजित पवार के निधन की खबर आने के बाद से सुप्रिया सुले ने सुनेत्रा पवार का साथ नहीं छोड़ा है। जब सुनेत्रा अपने पति का शव लेने बारामती पहुंचीं, तो वह अकेली नहीं थीं, सुप्रिया भी उनके साथ थीं। सुप्रिया ने भीड़ और कैमरों के बीच उनका हाथ मजबूती से पकड़े हुए था। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, बड़े नेताओं से मिलते समय सुप्रिया ही सुनेत्रा के लिए सहारा बनीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मिलने के दौरान भी सुप्रिया, सुनेत्रा के साथ थीं।
सुप्रिया सुले ने संभाली कमान
अजित पवार के श्शव दर्शनश् के समय भी माहौल बहुत भावुक था। सुप्रिया ने भाभी के साथ ही परिवार के सभी सदस्यों को संभाला। सुप्रिया सुले को स्टेज पर अनाउंसमेंट करते हुए भी देखा गया। सुप्रिया सुले ने इस दुख की घड़ी में लोगों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की। सुप्रिया ने परिवार की तरफ से राजनीतिक जगत से जुड़े सभी लोगों से मुलाकात की।
चुनावी दुश्मनी को किया दरकिनार
लोकसभा के चुनावी मैदान में अजित पवार और शरद पवार की एनसीपी एक-दूसरे के खिलाफ उतरी थीं, वहीं इस दुख की घड़ी में वो लड़ाई खत्म होती नजर आई। पंडितों ने जब अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा को धार्मिक रीति-रिवाजों के लिए बुलाया, तब भी सुप्रिया ने उन्हें कसकर पकड़ लिया। सुप्रिया ने सुनेत्रा का हर कदम पर साथ दिया।

