सपा प्रमुख बोले- हर तरह की सत्ता कब्जाना चाहती भाजपा
लखनऊ (राजेश सिंह)। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य आमने-सामने आ गए हैं। अखिलेश ने सनातन परंपरा के अपमान का आरोप लगाया, वहीं केशव ने संतों के सम्मान को भाजपा की परंपरा बताया और विवाद समाप्त करने की अपील की।
सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को मानने वाला हर व्यक्ति आज दुखी है। उनके साथ-साथ सनातन के अपमान के लिए भी भावनाएं आहत हुई हैं। अखिलेश यादव ने जारी बयान में कहा कि भाजपा नेता और उनके सत्ता लोलुप संगी-साथी हर तरह की सत्ता पर काबिज होना चाहते हैं। इसलिए शंकराचार्य से भी कागज मांग रहे हैं, जिनकी सनातनी परंपरा तब से चली आ रही है, जब कागज की उत्पत्ति भी नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा के सनातन के समापन का सपना कभी पूरा नहीं होगा। चाहे प्रयागराज में संतों के अपमान का मामला हो या काशी में अहिल्या देवी होल्कर की धरोहर के अपमानजनक ध्वस्तीकरण का, ये सब सनातनी परंपरा को खत्म करने की साजिश है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा का मायावी रूप अब सबके सामने आ गया है।
उलमा का अखिलेश से वादा, 27 में बनाएंगे सपा सरकार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से शुक्रवार को प्रदेश मुख्यालय पर विभिन्न जिलों से आए उलमा ने मुलाकात की। इस अवसर पर अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव लोकतंत्र के लिए अग्निपरीक्षा है। भाजपा विधानसभा चुनाव में साजिश और षड्यंत्र करेगी।
भाजपा सरकार पीडीए से नफरत करती है। इस अवसर पर सभी उलमा ने कहा कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए उत्तर प्रदेश में जितना विकास कार्य हुआ है, मौजूदा सरकार कभी उसकी बराबरी नहीं कर सकती। हम सभी लोग वादा करते हैं कि आने वाले वक्त में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाकर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएंगे। ताकि, प्रदेश भी नहीं पूरा देश तरक्की और खुशहाली की ओर बढ़े।
केशव बोले- संतों का सम्मान भाजपा की परंपरा
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को एक बार फिर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से विवाद खत्म करके स्नान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भाजपा की परंपरा हर संत के सम्मान की रही है। साथ ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि गुंडई की राजनीति की विरासत का दौर लंबा नहीं चला करता और अगली पीढ़ी में झाग फेंकने लगता है।
केशव पहले ही कह चुके हैं कि शंकराचार्य मामले में जांच करके कार्रवाई करेंगे। जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। केशव ने कहा, भगवान शंकराचार्य के चरणों में प्रणाम करते हुए कहना चाहता हूं कि जो भी विरोध है समाप्त करके पवित्र माघ मेला की परंपरा के अनुसार स्नान-ध्यान करें।