प्रयागराज (राजेश सिंह)। माघ मेला के आगामी प्रमुख स्नान पर्वों मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से मेगा प्लान तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के दूसरे दिन ही विशेष व्यवस्था की जाने लगी है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि विभिन्न राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग घाटों पर स्नान की व्यवस्था होने जा रही है।
झूंसी के सेक्टर चार में सबसे बड़ा एरावत स्नान घाट बनाया जा रहा है। यहां पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहार, बंगाल, ओड़िसा, छत्तीसगढ़, झारखंड के साथ पूर्वाेत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम के श्रद्धालु पुण्य की डुबकी लगा सकेंगे।
मध्य उप्र व पश्चिमी उप्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान से आने वाले श्रद्धालुओं को सेक्टर एक, सेक्टर दो व पांच तथा छह के घाटों पर स्नान कराया जाएगा। गुजरात, महाराष्ट्र व दक्षिण भारत के राज्यों के लिए सेक्टर चार व सात के घाट निर्धारित किए जा रहे हैं।
खास-खास
3.69 किमी के कुल 16 स्नान घाट बनाए जा रहे हैं माघ मेला में
850 मीटर का सबसे बड़ा एरावत स्नान घाट है सेक्टर चार क्षेत्र में
1.30 लाख वाहनों की क्षमता के 42 पार्किंग स्थल हो गए हैं तैयार
पार्किंग स्थलों, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इन घाटों पर जाने के लिए रूट डायवर्ट किया जाएगा, जिससे स्नानार्थी आसानी से मेला क्षेत्र में पहुंच सकें। पार्किंग स्थलों के लिए भी विशेष व्यवस्था होगी। जो वाहन पहले आएंगे, उन्हें मेला क्षेत्र के आसपास की पार्किंग तक जाने दिया जाएगा और जब पास वाली पार्किंग भर जाएंगी तो उनसे दूर की पार्किंग को भरा जाएगा।
मेला प्रशासन के अनुसार, 13 जनवरी की शाम से ही मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। 14 व 15 जनवरी को मकर संक्रांति स्नान पर्व पर पास वाले वाहन भी मेला में नहीं जा सकेंगे। वहीं 18 जनवरी को मौनी अमावस्या स्नान पर्व को लेकर 16 जनवरी की शाम से ही मेला में वाहन प्रतिबंधित कर दिए जाएंगे। पार्किंग स्थल 42 हैं, जिनमें एक लाख 30 हजार वाहन खड़े हो सकेंगे।
स्नान घाटों पर नहीं कर सकेंगे फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी
माघ मेला में स्नान घाटों को नो फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी जोन घोषित कर दिया गया है। संगम समेत 3.69 किमी के सभी 16 घाटों पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर मेला प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया है। मीडिया के अलावा कोई भी व्यक्ति मोबाइल अथवा कैमरा से फोटो व वीडियो बनाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के दौरे के दूसरे दिन रविवार को इस बाबत मेला प्रशासन की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं।
घाटों पर इन निर्देश के बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं। सेक्टर कार्यालयों तथा मेला प्रशासन व पुलिस के कार्यालयों व शिविरों में भी नोटिस चस्पा कर दी गई है। सूचना विभाग से जारी कार्ड पर ही मीडिया के लोग फोटो ले सकेंगे।
आपात स्थिति में लागू होंगे 10 इमरजेंसी प्लान, बनेगा ग्रीन कारिडोर
माघ मेला में मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर नियंत्रित आवागमन और सुरक्षित वापसी के लिए पुलिस तथा प्रशासन की ओर से बड़ी योजना बनाई गई है। प्रमुख स्नान पर्वों पर मेला क्षेत्र को नो वेहिकिल जोन घोषित किया जाएगा। मुख्य स्नान पर्वों के साथ ही 22 सामान्य पर्वों पर भी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा। इसके साथ ही मेला में आपात स्थिति से निपटने के लिए 10 इमरजेंसी प्लान लागू किए जाएंगे। मेला में ग्रीन कारिडोर की भी व्यवस्था होगी।
तीन जनवरी से शुरू हुआ माघ मेला 44 दिन का होगा, जिसमें पांच प्रमुख स्नान पर्व अभी बाकी हैं। इन पर्वों पर ट्रैफिक के साथ ही सुरक्षा की वृहद योजना बनाई गई है। इस बार मेला को तीन के बजाय पांच जोन में बाटा गया है। हर जोन में एएसपी की तैनाती की गई है। सर्किल भी आठ से बढ़ाकर नौ की गई है, जहां डीएसपी तैनात हुए हैं।
थाने 14 से बढ़ाकर 17 किए गए हैं। चौकी 40 से 42 की गईं हैं। पुलिस लाइन और यातायात लाइन बन गई है। खोया-पाया केंद्रों की संख्या सात की गई है। सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क व महिला हेल्प डेस्क की व्यवस्था होगी। मेला में 250 सीसीटीवी कैमरे होंगे, जिनमें 150 एआइ बेस्ड रहेंगे। शहर में 1152 कैमरे लगे हैं।
आपात स्थिति में 10 इमरजेंसी प्लान लागू किए जाएंगे। संगम पर दबाव बढ़ने पर पहले प्लान के तहत रामघाट और हनुमान घाट पर श्रद्धालुओं को स्नान कराया जाएगा। दूसरे प्लान के तहत झूंसी की ओर से संगम की इंट्री बंद होगी। तीसरे प्लान के तहत फोर्ट रोड, जीटी जवाहर से पटेल संस्थान होते हुए काली मार्ग-दो से श्रद्धालुओं को भेजा जाएगा।
चौथे प्लान के अनुसार, सीएमपी से भीड़ को जार्जटाउन थाना सोहबतियाबाग डाट पुल से ले जाया जाएगा। पांचवें प्लान के अनुसार मेडिकल चौराहा से बक्शी बांध, नागवासुकि की ओर से प्रवेश दिया जाएगा।
छठें प्लान के मुताबिक, पुराने शहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पुराने पुल से अरैल भेजा जाएगा। हनुमान मंदिर व अक्षयवट का दर्शन बंद करना सातवां प्लान होगा। नावों का संचालन बंद करना आठवां प्लान होगा। इसी तरह 9वां व 10वां प्लान विशेष परिस्थितियों में लागू होगा। माघ मेला के प्रमुख स्नान पर्वों मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सभी स्नान घाट लगभग तैयार हो गए हैं। सबसे बड़ा एरावत स्नान घाट भी बन गया है।-ऋषि राज, मेलाधिकारी, माघ मेला प्रयागराज