प्रयागराज (राजेश सिंह)। जगदगुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर टिप्पणी करने पर किन्नर अखाड़ा ने श्रीयामायी ममतानंद गिरि (ममता कुलकर्णी) को निष्कासित कर दिया है। उन्होंने कुछ दिनों पहले अविमुक्तेश्वरानंद को अहंकारी कहा था। कहा था कि बड़े पद आसीन होने से पहले अहंकार त्यागना जरूरी है। इसे अखाड़े ने गंभीरता से लिया।
अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर ने वीडियो जारी किया
अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने वीडियो संदेश जारी करके उन्हें निष्कासित करने की घोषणा की। कहा कि ज्योतिष्पीठ का विवाद उनके गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरसवती के बीच चल रहा था। इसके तमाम पहलू हैं, जिस पर हमें कुछ नहीं कहना।
...इसलिए ममता को अखाड़े से किया जाता है निष्कासित
किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर ने कहा कि माघ मेला में मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर पुलिस ने जिस तरह बटुकों को मारा था, हम उससे आहत हैं, लेकिन इस विवाद से दूर हैं। ममतानंद ने बिना अखाड़े की अनुमति से इस मामले में बयान दिया है इसलिए उन्हें अखाड़े से निष्कासित किया जाता है।
महामंडलेश्वर उपाधि मिलने पर संतों ने किया था विरोध
उल्लेखनीय है कि किन्नर अखाड़ा ने 2025 के महाकुंभ में ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर पद की उपाधि दी थी, जिसका कुछ संतों ने विरोध किया था। कुछ माह पहले उन्होंने दाउद इब्राहिम के आतंकवादी न होने का विवादित बयान दिया था।
