लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 'एक जनपद, एक उत्पाद' योजना आज राष्ट्रीय विकास की दिशा तय करने वाला एक सशक्त रोडमैप बन चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 2018 में शुरू की गई इस अभिनव पहल ने न केवल पारंपरिक कारीगरी को पुनर्जीवित किया है, बल्कि उत्तर प्रदेश को भारत के 'निर्यात पावरहाउस' के रूप में स्थापित कर दिया है। आज देश के कई अन्य राज्य यूपी के इस मॉडल को अपने यहाँ आर्थिक बदलाव के ब्लूप्रिंट के रूप में अपना रहे हैं।
निर्यात के आंकड़ों ने रचा नया इतिहास
ओडीओपी मॉडल की सबसे बड़ी सफलता प्रदेश के बढ़ते निर्यात आंकड़ों में छिपी है। स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के सरकारी प्रयासों का ही परिणाम है- ऐतिहासिक वृद्धि: वर्ष 2017 में प्रदेश का कुल निर्यात 88,000 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024 तक बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। ओडीओपी की हिस्सेदारी: कुल निर्यात में ओडीओपी उत्पादों का योगदान 58,000 करोड़ से बढ़कर 93,000 करोड़ रुपये हो गया है।
क्षेत्रीय असंतुलन का खात्मा: हर जिला एक औद्योगिक केंद्र
ओडीओपी योजना ने वर्षों से चली आ रही क्षेत्रीय असंतुलन की समस्या का समाधान किया है। अब औद्योगिक विकास केवल नोएडा या कानपुर तक सीमित नहीं है। स्थानीय पहचान: कन्नौज का इत्र, मुरादाबाद का पीतल, भदोही की कालीन और फिरोजाबाद के कांच को वैश्विक ब्रांडिंग मिली है। पलायन पर लगाम: छोटे कस्बों और जिलों में ही रोजगार के अवसर पैदा होने से युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन कम हुआ है। आय में वृद्धि: आधुनिक टूलकिट और प्रशिक्षण ने कारीगरों की कार्यक्षमता और आय, दोनों को दोगुना कर दिया है। अब तक 1.25 लाख से अधिक टूलकिट्स का वितरण किया जा चुका है।
संस्थागत समर्थन और वित्तीय मजबूती
योगी सरकार ने ओडीओपी को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे मजबूत वित्तीय आधार दिया: मार्जिन मनी योजना: इस योजना के जरिए अब तक 6,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं, जिससे MSME सेक्टर को संजीवनी मिली है।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS): वर्ष 2025 के ट्रेड शो में ओडीओपी पवेलियन ने 20.77 करोड़ रुपये की बिजनेस डील हासिल कर अपनी धमक दिखाई। महाकुंभ 2025 में प्रदर्शन: प्रयागराज महाकुंभ के दौरान 6,000 वर्ग मीटर में लगाई गई प्रदर्शनी ने दुनिया भर के श्रद्धालुओं को यूपी के 44 जीआई टैग (GI Tag) वाले उत्पादों से परिचित कराया।
विकसित भारत का आधार बनेगा ओडीओपी
ओडीओपी मॉडल ने साबित कर दिया है कि 'वोकल फॉर लोकल' का मंत्र ही भारत को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे प्रभावी रास्ता है। कारीगरों के कौशल को तकनीक और बाजार से जोड़कर उत्तर प्रदेश ने एक ऐसी समावेशी विकास गाथा लिखी है, जो आज पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है।
