लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए इसे भारत की लोकतांत्रिक चेतना, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय आत्मगौरव का उत्सव बताया।
उत्तर प्रदेश दिवस के उपलक्ष्य में संस्कृति विभाग द्वारा सोमवार को जन भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों कला, संस्कृति, साहित्य, नाट्य, खेल और बौद्ध व जैन दर्शन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभाशाली महानुभावों को सम्मानित किया।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसे सम्मान भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्रोत भी हैं।राज्यपाल ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा संविधान के मूल्यों पर आधारित रही है। भारत लोकतंत्र की जननी है।
सांस्कृतिक चेतना पर बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि बाबा योगेन्द्र कला सम्मान, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र सम्मान, आचार्य भरतमुनि सम्मान, बिरसा मुंडा सम्मान सहित विभिन्न पुरस्कार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ कर रहे हैं और परंपरा व आधुनिकता के बीच सेतु का कार्य कर रहे हैं।
राज्य ने विकास के नए मानक स्थापित किए हैं, जिससे जनजीवन सुगम हुआ है तथा रोजगार, निवेश और नवाचार के नए अवसर सृजित हुए हैं। प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आटोमेशन, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राज्य ललित कला अकादमी, लखनऊ द्वारा चित्रकला के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए नलिनी कुमार मिश्रा को बाबा योगेन्द्र कला सम्मान (राष्ट्रीय), डा. साधना सिंह व सतेन्द्र सिंह को बाबा योगेन्द्र कला सम्मान (राज्य स्तरीय) से अलंकृत किया गया।
