2 अधिकारियों की मौत व 15 हुए थे घायल
प्रयागराज (राजेश सिंह)। जनपद में अमोनिया लीकेज की घटनाएं पहले भी दहला चुकी हैं। फूलपुर स्थित इफको में 22 दिसंबर 2020 को बड़ा हादसा हुआ था। तब अमोनिया गैस के रिसाव से दो अधिकारियों की मौत हो गई थी, जबकि 15 कर्मचारी घायल हो गए थे। वर्ष 2017 से 2020 तक इफको में पांच बार अमोनिया रिसाव हुआ था।
एक प्लंजर टूटने से अमोनिया गैस रिसाव हुआ था
इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (इफको) की यूरिया प्रोसेसिंग यूनिट में तब अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था। एक अमोनिया प्लंजर टूट गया, जिससे अमोनिया गैस का रिसाव हुआ। हादसे के वक्त प्लांट में 100 से अधिक अधिकारी व कर्मचारी काम कर रहे थे। अफरा-तफरी के बीच किसी तरह स्टाफ को बाहर निकाला गया था। घायलों को अस्पताल भेजा गया था।
इफको में इससे पहले भी हादसा
उस घटना में इफको प्लांट के असिस्टेंट मैनेजर बीपी सिंह और डिप्टी मैनेजर अभिनंदन की मौत हो गई थी। इससे पहले अमोनिया रिसाव से 25 जनवरी 2019 को तीन मजदूर और अप्रैल 2019 में 12 लोगों की हालत बिगड़ी थी। इसके पहले 15 मई 2018 में इफको के पी-वन प्लांट में अमोनिया रिसाव से नौ श्रमिक घायल हो गए थे, जिसमें अमोनिया विभाग के छह कर्मचारी निलंबित किए गए थे।
सहसों में कोल्ड स्टोरेज में फटा था अमोनिया गैस टैंक
इसी तरह 19 फरवरी 2017 सहसों के शिवा कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का टैंक फट जाने से भीषण हादसा हो गया था, जिसमें आपरेटर दिनेश मिश्र (30) पुत्र रामसूरत की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि दो सुरक्षा गार्ड समेत दो दर्जन लोग बेहोश हो गए थे। नैनी में शंकरढाल के पास अप्रैल 2018 में निर्माणाधीन आइस फैक्ट्री में अमोनिया गैस के सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया था। ब्लास्ट के बाद पूरे इलाके में तीखी अमोनिया गैस फैल गई थी, जिससे कई लोग घायल हो गए थे।
तेलियरगंज में कोल्ड स्टोरेज में गैस रिसाव हुआ था
इन घटनाओं के अलावा फरवरी 2017 में तेलियरगंज स्थित कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया का रिसाव हुआ था। मुट्ठीगंज में भी आइस फैक्ट्री में अमोनिया का रिसाव हो चुका है।
