स्मैक के साथ 2 युवकों की गिरफ्तारी में 6.55 लाख मिले, बरामदगी 87,500 की दिखाई
प्रयागराज (राजेश सिंह)। नैनी थाने से जुड़े मामले में पुलिस विभाग ने तीन चौकी प्रभारियों को सस्पेंड कर दिया है। मध्य प्रदेश के रीवा निवासी विपिन कुमार पाठक और आकाश सिंह को एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान 6.55 लाख रुपए मिलने की बात सामने आई, जबकि मुकदमे में 87,500 रुपए की बरामदगी दर्ज की गई।
एसआई विक्की गुप्ता, एसआई रामानंद विश्वकर्मा और एसआई नीलेश कुमार के खिलाफ शुरुआती जांच में भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई की गई। मामला तब और गंभीर हो गया, जब गिरफ्तार युवकों ने पुलिस पर फर्जी बरामदगी दिखाने और रुपए हड़पने के आरोप लगाए। 15 अक्टूबर को कोर्ट ने पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज कर आरोपों की जांच कराने का निर्देश दिया था।
एसआई विक्की गुप्ता अरैल चौकी, एसआई रामानंद विश्वकर्मा कांशीराम चौकी और एसआई नीलेश कुमार कारागार चौकी के प्रभारी थे। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने तीनों के निलंबन की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, शुरुआती तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
मामले से जुड़े तीन ऑडियो सामने आए थे। इनमें कथित तौर पर गिरफ्तार युवकों में से एक की बातचीत एक अज्ञात बिचौलिए और उसके गांव के व्यक्ति से हो रही थी। बातचीत में दरोगा से मिलने, मुकदमे में दर्ज रकम को कोर्ट से रिलीज कराने और बाकी पैसे वापस मिलने का जिक्र होने का दावा किया गया। एक अन्य बातचीत में मामले को खत्म करने और सुलह की बात सामने आई।
अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट रजनीश कुमार मिश्र की अदालत ने रिमांड अर्जी खारिज करते हुए आरोपियों की शिकायतों की जांच कराने का निर्देश दिया था। पुलिस कमिश्नर, प्रयागराज को जांच कर रिपोर्ट देने और संबंधित स्थान के सीसीटीवी फुटेज को भी जांच में शामिल करने को कहा गया था।
पुलिस ने दोनों युवकों से 40 पुड़िया स्मैक, नकदी, तमंचा, पिस्टल, कारतूस और मोबाइल फोन मिलने का दावा किया था। अदालत ने कथित तौर पर बरामद असलहों का निरीक्षण करने के बाद टिप्पणी की थी कि वे चलने की स्थिति में नहीं लग रहे थे और उन पर जंग लगी हुई थी। तलाशी और बरामदगी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए थे।
तीनों दरोगाओं के निलंबन के बाद विभागीय जांच की जाएगी। इसके साथ ही कोर्ट के निर्देश पर आरोपियों की ओर से लगाए गए आरोपों की अलग जांच भी जारी है। इसमें बरामदगी के दस्तावेजों, रकम के अंतर और पुलिसकर्मियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।



