प्रयागराज (राजेश सिंह)। पूर्व सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली। बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में चल रहे मुकदमे पर रोक लगा दी। साथ ही राज्य सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही याची को रिजॉइंडर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी। पूर्व सांसद रेवती रमण ने अपने खिलाफ दर्ज मामले में कोर्ट द्वारा जारी समन आदेश और दाखिल चार्जशीट को रद्द करने के साथ ही ट्रायल कोर्ट में चल रही पूरी कार्रवाई को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान रेवती रमण सिंह के खिलाफ प्रयागराज के करेली थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। 25 मई 2024 को करेली थाने के एसआई मनीष कुमार राय ने आईपीसी की धारा 171F, 353, 188 और 147, लोक प्रतिनिधित्व एक्ट की धारा 131 और आपराधिक कानून (संशोधन) एक्ट की धारा 7 में मुकदमा दर्ज कराया था। कुंवर रेवती रमण के अलावा उनके ड्राइवर चंद्रशेखर और 50 से ज्यादा समर्थकों के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ था। आरोप लगा था कि कुंवर रेवती रमण अपने वाहन में गनर के साथ प्रयागराज में मतदान के दिन करेली में बने एक मतदान केंद्र के सामने आकर रुके और अपने समर्थकों को चुनाव में अपने प्रत्याशी उज्ज्वल रमण सिंह के पक्ष में वोट डालने को कहा था। इस सूचना पर जब मौके पर पुलिस पहुंची तो काफी संख्या में भीड़ लगी थी। लोकसभा चुनाव 2024 में इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र से कुंवर रेवती रमण सिंह के बेटे उज्ज्वल रमण सिंह कांग्रेस से प्रत्याशी थे।
पुलिस को देखते ही समर्थकों द्वारा नारेबाजी की जाने लगी। पुलिस द्वारा चुनाव को लेकर समझाने पर भीड़ उग्र हो गई थी। मौके पर पुलिस ने फॉर्च्यूनर गाड़ी में सपा नेता कुंवर रेवती रमण सिंह को अपने चालक चंद्रशेखर और दो गनर के साथ बैठे देखा। पुलिस ने जब वाहन का पास मांगा तो चालक ने लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए जारी किया गया पास दिखाया जो आठ मई 2024 से 23 मई 2024 तक मान्य था। मतदान के दिन के लिए गाड़ी का कोई पास जारी नहीं किया गया था।
पुलिस को गाड़ी पर समाजवादी पार्टी का झंडा लगा हुआ भी मिला था कुंवर साहब की गाड़ी की तलाशी के दौरान गाड़ी के अंदर से सपा के तीन झंडे मिले थे। इस दौरान कुंवर साहब के समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। समर्थकों द्वारा चुनाव का बहिष्कार करने और किसी भी मतदाता को वोट नहीं डालने तक कि बात कही गई थी। पुलिस द्वारा काफी समझाने के बाद भी सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया गया था। रेवती रमण ने अपने समर्थकों के साथ थाने का घेराव भी किया था। इस घटना के बाद पुलिस ने सभी के खिलाफ आदर्श आचार सहिंता के उल्लंघन, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया था।