प्रयागराज (राजेश सिंह)। प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक महिला ने धोखाधड़ी, मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता सुशीला देवी ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उनकी फसल काटने की कोशिश की और विरोध करने पर उनके बेटे व बहू के साथ मारपीट की।
सुशीला देवी के अनुसार, उनके पति संतोष कुमार बिन्द की कौंधियारा स्थित आराजी संख्या 367 रकबा 1.4210 हेक्टेयर भूमि का कथित बैनामा कुसुम देवी पत्नी रामकृष्ण, रामकृष्ण पुत्र स्व. राम लखन, परीक्षित त्रिपाठी और लव कुमार त्रिपाठी पुत्रगण रामकृष्ण त्रिपाठी ने 4 अप्रैल 2007 को धोखे से करा लिया था। यह बैनामा उनके पति के नशे की हालत का फायदा उठाकर और बिना किसी मूल्य के छल-कपट से किया गया था।
पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने इस नामांतरण को छिपाए रखा। जब 2024 में चुपचाप नामांतरण करा लिया गया और आरोपियों ने जमीन पर कब्जा करने के लिए कौंधियारा थाने में उनके खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया, तब उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला। इसके बाद, सुशीला देवी ने सिविल न्यायालय में बैनामे के निरस्तीकरण के लिए वाद संख्या 3475/2024 (संतोष कुमार बनाम कुसुम देवी आदि) दायर किया है, जो अपर सिविल जज कक्ष संख्या 5, इलाहाबाद के न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर 2025 को होनी है।
सुशीला देवी ने अपनी तहरीर में बताया कि 12 नवंबर 2025 को शाम करीब 4 बजे विपक्षी कुसुम देवी, उनके बेटे लव त्रिपाठी और परीक्षित त्रिपाठी सहित 8 से 10 अराजक तत्व उनके खेत पर पहुंचे। उन्होंने खेत में तैयार धान की फसल को जबरन काटना शुरू कर दिया। जब पीड़िता के बेटे शुभम बिन्द और उनकी पत्नी अंतिमा बिन्द ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो लव त्रिपाठी और परीक्षित त्रिपाठी ने उनके साथ मारपीट की।
आरोपियों ने शुभम और अंतिमा को मारते हुए कथित तौर पर कहा, राइफल निकालो, इनको गोली मार दो। इस घटना से पीड़िता का पूरा परिवार डरा हुआ है। कौंधियारा थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
