प्रयागराज (जितेन्द्र शुक्ल)। भगवान परशुराम अखाड़ा सेक्टर नंबर 6 गंगोली शिवाला मार्ग माघ मेला शिविर में संस्थापक स्वामी परशुरामाचार्य ब्रह्मर्षि सुदर्शन शरण जी महाराज ने कहां की सदैव से ब्राह्मण राष्ट्र के निर्माण में सहयोग करता आ रहा है सभी महापुरुषों के गुरु के रूप में तथा राजा महाराजाओं के महामंत्री के रूप में सहयोग करता आया है आज भी कर रहा है। लेकिन तथाकथित सेकुलर वाद के नाम पर ब्राह्मण का घोर अपमान किया जा रहा है जो राष्ट्रहित में ठीक नहीं है। ब्राह्मण अगर विखंडित होता है तो ब्रह्मणत्व का छरण होता है। ब्रह्मणत्व नहीं है तो हिंदुत्व भी समाप्त हो जाएगा आज संपूर्ण समाज सनातन संस्कृति को विनष्ट करने के प्रयास में लगा हुआ है क्योंकि ब्राह्मण ही सनातन संस्कृति का मूल है। अगर ब्राह्मण समाप्त हो गया तो भारतीय संस्कृति को समाप्त होने में विलंब नहीं होगा, इसलिए ब्राह्मण को चाहिए अपने ब्रह्मणत्व को बनाए रखें नहीं तो ब्राह्मणों का विनाश दूर नहीं है। ब्राह्मण विरोधियों को भी चाहिए अगर ब्राह्मणों का अपमान होता रहा तो ब्राह्मणों का विनाश हुआ तो भारतीय संस्कृति को विनिष्ट होने में देर नहीं होगी। शिविर में प्रतिदिन धार्मिक आध्यात्मिक एवं सनातन धर्म का प्रचार के साथ प्रतिदिन साधु संतों का विशाल भंडारा चलाया जा रहा है। इस मौके पर कृपाचार्य निजी सहायक सचिव, आचार्य रत्नेश तिवारी, सत्यम पांडेय, घनश्याम दास, रमापति उपाध्याय, डॉक्टर पूर्णेन्दु मिश्रा, गोरखनाथ सिंह ,शिवम, शुभम एवं बटुक छात्र उपस्थित रहे।
