प्रयागराज (राजेश सिंह)। माफिया अतीक अहमद, अशरफ की मौत के बाद अब उसकी बेनामी प्रॉपर्टी को कुछ गुर्गे ही बेच रहे हैं। ऐसा तब हो रहा है, जब जिला प्रशासन की ओर से चिन्हित संपत्ति की बिक्री और बैनामे पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद कई गुर्गे अलग-अलग रियल एस्टेट कंपनी बनाकर और लोगों को डरा-धमकाकर उनसे जबरन बैनामा करवा रहे हैं। मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर की ओर से जांच शुरू करा दी गई है। राजस्व विभाग से भी रिपोर्ट मांगी जा रही और जांच रिपोर्ट के आधार पर गुर्गों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कई साल पहले माफिया अतीक, अशरफ की ओर से करेली, धूमनगंज, एयरपोर्ट और पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र में अलग-अलग लोगों के नाम पर बेनामी संपत्ति बनाई गई थी। उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया। अतीक-अशरफ की भी हत्या हो गई। तब तक पुलिस, राजस्व सहित अन्य विभागों की संयुक्त टीम ने कई बेनामी संपत्ति को चिन्हित किया।
इसके बाद गौसपुर कटहुला में हुबलाल के नाम खरीदी गई करीब साढ़े 12 करोड़ की बेनामी संपत्ति को राज्य सरकार में निहित करवाया गया। ऐनुद्दीनपुर में भी करीब पांच बीघा जमीन को राज्य सरकार में निहित कराने की कवायद चल रही है, जिसकी बिक्री व बैनामे पर प्रतिबंध प्रशासन की तरफ से लगाया गया है।
कहा गया उमेश पाल हत्याकांड में वांछित आरोपित खालिद जफर व अतीक का साढ़ू, इमरान, जीशान जानू, गुर्गे मो. मुस्लिम, करीबी मकसूद अहमद, डा. कामरान, खुशनुमा, केशव सिंह के खिलाफ गैंग्स्टर एक्ट में कुर्क और सरकारी जमीन पर कब्जा करने पर मुकदमा लिखा गया था। अब इसमें से कुछ लोग बेनामी संपत्ति को कंपनी में बैनामा करवाकर बेच रहे हैं।
कसारी-मसारी निवासी शकील अहमद ने भी पुलिस को शिकायत देते हुए कहा अतीक, अशरफ ने उसके नाम पर बेनामी संपत्ति बनाई है। कुछ दिन पहले अतीक के एक गुर्गे ने साथियों संग उसे बंधक बनाकर पीटा। इसके बाद बीमार दिखाकर बेनामी संपत्ति का बैनामा कई रिश्तेदारों के नाम पर करवा लिया। उसकी बिक्री भी शुरू कर दी है।
कुर्क और बेनामी संपत्ति पर किसी को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। मामले की जांच कराते हुए राजस्व विभाग से रिपोर्ट मांगी जा रही है। दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।- जोगेंद्र कुमार, पुलिस कमिश्नर
