फर्जी मुहर, दो लैपटाप और तीन मोबाइल बरामद
प्रयागराज (राजेश सिंह)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की फर्जी वेबसाइट बनाने वाले और उसके सहयोगी को भी साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अभियुक्तों के कब्जे से 24 फर्जी अंकपत्र, डिप्लोमा, माइग्रेशन, चार फर्जी मुहर, दो लैपटाप और तीन मोबाइल बरामद किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्त सत्येंद्र बर्नवाल मूलरूप से बिहार के गोपालगंज का निवासी है। मौजूदा समय में गाजियाबाद में रह रहा था। उसका सहयोगी मोनू गुप्ता लखनऊ का रहने वाला है। इससे पहले इसी गैंग का सरगना आजमगढ़ निवासी काल सेंटर संचालक शशि प्रकाश राय, उसके रिश्तेदार मनीष को गिरफ्तार किया गया था, जो पांच-पांच हजार रुपये में फर्जी डिग्री व मार्कशीट बेचते थे।
बीते साल यूपी बोर्ड की ओर से साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था कि कुछ लोग ओरिजिनल वेबसाइट www.upmsp.edu.in की कूटरचित वेबसाइट www.upmsp.edu.in बनाकर विद्यार्थियों और अभिभावकों से साइबर ठगी कर सकते हैं।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद विवेचना शुरू की और फिर शशि प्रकाश समेत दो को गिरफ्तार करते हुए गिरोह का भंडाफोड़ किया। पूछताछ में पता चला कि सरगना ने गाजियाबाद निवासी सत्येंद्र बर्नवाल से फर्जी वेबसाइट बनवाई थी। तब साइबर थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम की टीम ने सत्येंद्र व उसके सहयोगी मोनू को दबोच लिया।
एसीपी राजकुमार मीना ने बताया कि गिरफ्तार सत्येंद्र ने फर्जी वेबसाइट बनाई थी और मोनू छात्र-छात्राओं को पैसे लेकर फर्जी मार्कशीट, डिग्री, डिप्लोमा, माइग्रेशन आन डिमांड उपलब्ध कराता था। दोनों फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र तैयार करके बेचते थे। गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
