मेयर ने की अगुवाई, अनोखी होली का आगाज
प्रयागराज (राजेश सिंह)। प्रयागराज में होली के हुड़दंग की शुरुआत हो चुकी है। संगम नगरी में रंगों का यह त्योहार गुलाल से नहीं, बल्कि एक 'हथौड़ा बारात' के साथ शुरू होता है। सदियों पुरानी इस अनूठी परंपरा में मंगलवार रात शहर की सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी। बिजली की रोशनी और आतिशबाजी के बीच 'दूल्हे राजा' यानी हथौड़ा बारात निकाली गई।
यह बारात एक प्रतीकात्मक 'शाही शादी' का रूप लेती है, जिसमें 21 तोपों की सलामी के साथ इसका आगाज हुआ। बैंड-बाजे, डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर सैकड़ों लोग लाल पगड़ी बांधे नाचते-गाते हुए शामिल हुए। बारात की भव्यता देखते ही बन रही थी।
'दूल्हे राजा' के रूप में सजे-धजे हथौड़े का विशेष श्रृंगार किया गया। परंपरा के अनुसार, इसे बुरी नजर से बचाने के लिए नजर उतारी गई और काला टीका लगाया गया। मेहमानों और आयोजकों ने 'दूल्हे राजा' की आरती भी उतारी। इन रीति-रिवाजों के बाद बारात शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी।
यह बारात प्रयागराज में होली के औपचारिक आगाज का प्रतीक मानी जाती है। इस वर्ष की बारात में शहर के प्रथम नागरिक, मेयर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी ने अगुवाई की। उनके साथ हुलियारों की टोली पूरी रात उत्साह में डूबी रही। रंगीन झालरों और आतिशबाजी ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।
मान्यता है कि प्रयागराज में होली की शुरुआत इसी बारात से होती है। यह परंपरा बुराई पर अच्छाई की जीत और सामाजिक समरसता का संदेश देती है। बारात के निकलते ही पूरे शहर में 'होली है' की गूंज सुनाई देने लगती है और लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाना शुरू कर देते हैं।
