प्रयागराज (राजेश सिंह)। शास्त्री पुल का मरम्मतीकरण 15 अप्रैल के बाद शुरू होगी। पुल की रिपेयरिंग में लगभग दो माह का समय लगेगा। इस दौरान एक लेन पर पूरी तरह से आवागमन बंद रहेगा। लोक निर्माण विभाग की ओर से यातायात विभाग को इस संबंध में पत्र लिखा जा चुका है। पहले माघ मेला के बाद मरम्मतीकरण की बात कहीं जा रही थी लेकिन यूपी बोर्ड की परीक्षा के कारण अब अप्रैल में पुल की मरम्मत होगी।
प्रयागराज से वाराणसी जाने वाला रूट जर्जर हो चुका है
पुल की मरम्मत के लिए लगभग 19 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। ओवरलोड वाहनों के आवागमन से प्रयागराज से वाराणसी जाने वाला रूट जर्जर हो चुका है। इसके अलावा पुल की रेलिंग और बेयरिंग भी कमजोर हो गई है उसे भी बदला जाएगा। सबसे पहले सड़क को उखाड़कर नई बनाई जाएगी। सहायक अभियंता मोहित राठौर ने बताया कि पुल की रिपेयरिंग नए सिरे से की जाएगी। मरम्मतीकरण के बाद पुल में मजबूती आ जाएगी।
एनएचएआइ ने 30 वर्ष तक की पुल का किया रखरखाव
शास्त्री पुल की देखरेख, मरम्मत और सुरक्षा की जिम्मेदारी तकरीबन 30 वर्ष तक एनएचएआइ ने ही निभाई। इस बीच पुल से गुजरने वाले वाहनों से टोल टैक्स भी वसूला जाता रहा। 26 जुलाई 2010 को पुल की सुरक्षा व रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंप दी गई थी। सहायक अभियंता ने बताया कि पुल के मेंटीनेंस पर विभाग की ओर से लगातार ध्यान दिया जाता है।
प्रयागराज से वाराणसी जाने का यही पुल मुख्य मार्ग है। ओवर लोड वाहनों के अधिक आवागमन से पुल पर जगह-जगह गड्ढा हो गया है। कई बेयरिंग भी कमजोर हो गई है। पुल की मरम्मत अप्रैल में कराई जाएगी। इसके लिए यातायात विभाग के पत्र लिखा जा चुका है।- नवीन कुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता,लोक निर्माण विभाग खंड-3
मड़ौका पुल के लिए मई में मिल सकती है मंजूरी
पुराने यमुना पुल के समकक्ष नैनी के मड़ौका से करैलाबग तक पुल बनाने की स्वीकृति शासन से मई में मिल सकती है। 800 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि से इस पुल का निर्माण किया जाएगा। सेतु निगम की ओर से पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन के पास मई 2025 में भेजा जा चुका है। मड़ौका में बनने वाले पुल से मीरजापुर, मध्य प्रदेश, चित्रकूट, सोनभद्र आदि क्षेत्र की राह भी आसान होगी। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्र ने बताया कि पुल की लंबाई 1100 मीटर होगी।
