लखनऊ। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने होमवर्क में रोज नया पाठ शामिल कर रही है। विकसित भारत जीरामजी के तहत गांवों में चौपाल एवं पंडित दीन दयाल उपाध्याय प्रशिक्षण अभियान के जरिए कार्यकर्ताओं को पार्टी के मूल विचारों से जोड़कर रखने की कसरत के बाद पार्टी अब नारी शक्ति वंदन अभियान लेकर गांव-गांव पहुंचेगी।
पार्टी इस अभियान की कमान महिला पदाधिकारियों एवं महिला मोर्चा को देगी। इस बहाने पार्टी अगले चुनाव में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने का भी संदेश देगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है।
इस बिल के बहाने भाजपा चुनावी हवा बदलने का प्रयास करेगी। चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश पर सबसे ज्यादा फोकस किया जाना है। शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत कई राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर एक सप्ताह तक चलने वाले अभियान की रूपरेखा बनाई गई।
प्रदेश पदाधिकारी भी ऑनलाइन जुड़े। हालांकि पार्टी ने अभी तक अभियान के संचालन की तारीख घोषित नहीं किया है। पार्टी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से होने वाले राजनीतिक लाभ की पटकथा पहले से लिखना शुरू कर दिया।
पिछले दिनों जिला संगठनों में एक तिहाई पद महिलाओं को देने पर अमल करने का प्रयास किया। माना जा रहा कि आने वाले दिनों नारी शक्ति वंदन अभियान में पार्टी बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक कार्यक्रमों की कमान महिलाओं को देगी।
