प्रयागराज (राजेश सिंह)। नैनी थाना क्षेत्र के मड़ौका में रविवार शाम प्रापर्टी डीलर अजहरुद्दीन की गोली मारकर हत्या के मामले में चार आरोपितों ने सोमवार दोपहर झूंसी थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई तो वह मौके पर पहुंचे। सभी से पूछताछ की जा रही है।
गोली मारकर अजहरुद्दीन की हत्या हुई थी
नैनी के महेवा पुरवा निवासी 38 वर्षीय अजहरुद्दीन प्रापर्टी डीलर थे। रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे वह बाइक से घर से निकले थे। करीब एक घंटे बाद घरवालों को सूचना मिली थी कि मड़ौका रोड स्थित लगन बिहार गेस्ट हाउस के पास महेवा निवासी अरविंद भारती के आफिस में अजहरुद्दीन की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
आरोपित ने फोन करके प्रापर्टी डीलर को बुलाया था
कनपटी पर सटाकर गोली मारी गई थी। मृतक के बड़े भाई अलाउद्दीन ने पुलिस अधिकारियों काे बताया कि अरविंद व बृजेश से रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद था। अरविंद ने ही फोन कर अजहरुद्दीन को बुलाया था। यहां विवाद के दौरान गोली मारकर उसके छोटे भाई की हत्या कर दी। सोमवार दोपहर झूंसी थाने में अरविंद, बृजेश समेत चार आरोपितों ने आत्मसमर्पण कर दिया। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि सभी को नैनी थाने ले जाकर पूछताछ की जा रही है।
अतरसुइया थाने के बाहर सरेंडर का बनाया था वीडियो
नैनी के मड़ौका में प्रापर्टी डीलर अजहरुद्दीन की हत्या के करीब एक घंटे बाद इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ। इसमें हत्या में नामजद किया गया आरोपित बृजेश अतरसुइया थाने के बाहर खड़ा नजर आता है। वह कहता है कि वह अतरसुइया थाने में सरेंडर करने आया है। इसके बाद सिलसिलेवार तरीके से अपने तीन साथियों का नाम भी लेता है। इसके बाद वीडियो बंद हो जाता है।
सीसीटीवी फुटेज में आरोपित दिखे थे
इस वीडियो को पुलिस अधिकारियों ने देखा तो खलबली मच गई। अतरसुइया थाना प्रभारी विवेक राय को फोन किया गया तो पता चला कि किसी ने सरेंडर नहीं किया है। पुलिस ने वहां कई जगह लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला तो पता चला कि सभी कुछ दूर तक सड़क मार्ग से आए और फिर गली से होकर भाग निकले। इसके बाद बृजेश ने अपना मोबाइल भी स्विच आफ कर लिया, जिस कारण पुलिस को उसकी लोकेशन नहीं मिल सकी थी।