प्रयागराज (राजेश सिंह)। माफिया अतीक अहमद के बेटे उमर और अली के 41 समर्थकों की गाड़ियों पर मुकदमा लिखा गया, लेकिन अब तक सिर्फ आठ ही पकड़ी जा सकी है। यह हाल तब है जब टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में वाहनों की तस्वीर कैद है। लग्जरी गाड़ियों के नंबर भी हैं, इसके बावजूद घटना के 20 दिन बाद भी सभी वाहन और उसके चालक, स्वामी के खिलाफ कानूनी शिकंजा नहीं कसा जा सका है।
इसे लेकर पुलिस की सक्रियता पर कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रयागराज में 28 वाहनों के विरुद्ध मुकदमा लिखा गया, जिसमें सिर्फ छह को सीज किया गया। वहीं, प्रतापगढ़ ने दो पर कार्रवाई की। जबकि फतेहपुर पुलिस ने एक भी वाहन नहीं पकड़ा है।
झांसी में अतीक के सबसे छोटे बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। आठ अगस्त 2026 को उसका जनाजा उठना था और कसारी-मसारी में शव को दफनाया जाना था। इसमें शामिल होने के लिए लखनऊ जेल में बंद उमर और झांसी जेल में निरुद्ध अली अहमद को सरकारी प्रिजन वैन में पैरोल पर प्रयागराज लाया गया था।
आरोप है कि उमर और अली के वाहनों के पीछे बड़ी संख्या में समर्थक भी अपनी-अपनी गाड़ी लेकर चल रहे थे। उन्होंने प्रतापगढ़, प्रयागराज और फतेहपुर में टोल टैक्स नहीं दिया। बूम बैरियर तोड़ दिया। टोल कर्मियों को कुचलने का प्रयास किया और जान से मारने की धमकी दी थी।
टोल प्लाजा के सहायक प्रबंधक समेत अन्य की तहरीर पर फतेहपुर के कल्याणपुर, खागा कोतवाली में 11 वाहन, प्रतापगढ़ के हथिगवां थाने में दो और प्रयागराज के नवाबगंज थाने में 28 वाहनों के खिलाफ नामजद एफआईआर लिखी गई थी। हालांकि अभी तक सभी वाहनों, उसके चालकों और स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण की जांच करते हुए वाहन स्वामियों को नोटिस भेजने की कार्रवाई और तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, बिना टोल देने, बैरियर तोड़ने, कर्मचारियों को कुचलने की कोशिश के मामले में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों की कई वाहन शामिल थे। इसमें स्कार्पियो, अर्टिगा, स्विफ्ट, ब्रेजा, थार, फांग्स, टियागो, डिजायर, फाच्यूर्नर, वैगनआर, हुंडई क्रेटा, एक्सयूवी के अलावा तमाम गाड़ियां बिना नंबर वाली थीं।
