मिर्जापुर (राजेश सिंह)। मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से चलकर ड्रमंडगंज वनरेंज के महुगढ़ी जंगल तक पहुंचे हाथी और हथिनी का जोड़ा पिछले चार दिनों से जंगलों में घूम रहा है। मंगलवार की देर शाम हाथियों का यह जोड़ा लहुरियादह गांव के जंगल से सटे प्रयागराज जिले की सीमा पर देखा गया। वन विभाग की टीम जीपीएस ट्रैकर मशीन के माध्यम से लगातार हाथियों के जोड़े का लोकेशन पता करने में जुटी हुई है। हाथी और हथिनी के गांवों में प्रवेश करने की संभावना को देखते हुए वन विभाग की टीम सुरक्षा के दृष्टिकोण से ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक कर रही है। सुरक्षा को लेकर वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से रात में घरों के बाहर बिजली या अन्य प्रकार की रोशनी न जलाने की अपील की है। एहतियात के तौर पर वन विभाग की टीम ने चरवाहों और ग्रामीणों को जंगलों की तरफ न जाने के लिए भी कहा है।
इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों में भय का माहौल है, क्योंकि हाथियों का गांवों में प्रवेश करने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। हाथियों के इस जोड़े की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों को हाथियों के व्यवहार और उनकी दिशा का अध्ययन करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इसके साथ ही, ग्रामीणों को भी हाथियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि वे सुरक्षित रह सकें।
इस प्रकार, मीरजापुर के लहुरियादह जंगल में हाथियों का आना एक गंभीर स्थिति उत्पन्न कर रहा है। वन विभाग की कोशिश है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल में वापस भेजा जा सके और ग्रामीणों को भी किसी प्रकार का नुकसान न हो। इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक है। वन विभाग की सक्रियता और ग्रामीणों की जागरूकता से ही इस समस्या का समाधान संभव है।
