फरियादियों से शालीन व्यवहार, आईजीआरएस का समय पर निस्तारण और लंबित विवेचनाओं पर दिया जोर
प्रयागराज (राजेश सिंह)। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज की अध्यक्षता में रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स के त्रिवेणी सभागार में अपराध एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई, यातायात प्रबंधन और आगामी दीपावली पर्व की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि थानों पर आने वाले हर फरियादी की समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना जाए। फरियादियों से सौम्य और शालीन व्यवहार किया जाए और प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध निस्तारण हो। एसीपी स्तर के अधिकारी निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फोन पर बात कर संतुष्टि का सत्यापन करें।
कमिश्नर ने आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष निस्तारण को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने कहा कि इसमें किसी प्रकार की औपचारिकता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित विवेचनाओं, विशेषकर 60 और 90 दिन से अधिक की विवेचनाओं को जल्द निपटाने के निर्देश दिए। साक्ष्य संकलन और विधिक प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करने को कहा गया।
बैठक में ई-साक्ष्य और ई-समन प्रणाली का प्रभावी उपयोग करने, थानों पर साइबर हेल्प डेस्क को सक्रिय रखने और साइबर पीड़ितों को त्वरित सहायता देने के निर्देश दिए गए।
शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिक्रमण हटाने और सड़क पर गैराज व दुकानों द्वारा काम करने पर रोक लगाने को कहा गया। ICCC के जरिए निगरानी और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
आगामी दीपावली को देखते हुए पटाखा दुकानों, भंडारण स्थलों की जांच, सुरक्षा मानकों का पालन और बाजारों में भीड़ प्रबंधन के निर्देश दिए गए। साथ ही डीजे और लाउडस्पीकर में ध्वनि सीमा का पालन कराने को कहा गया।
बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था अजय पाल शर्मा, डीसीपी नगर, डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार, डीसीपी यमुनानगर मनीष कुमार शांडिल्य, डीसीपी प्रोटोकॉल विवेक चंद्र यादव, मुख्यालय, यातायात, अपराध सहित सभी एसीपी, थाना प्रभारी और शाखा प्रभारी मौजूद रहे।


