मेजा, प्रयागराज (विमल पाण्डेय)। पूर्व शिक्षा मंत्री राकेशधर त्रिपाठी ने सोमवार को जनवार (कठौली) गांव में अपने राजनैतिक सहयोगी रहे सिद्धांत तिवारी के इकलौते बेटे पार्थ तिवारी (26) के असामयिक निधन पर परिजनों के साथ शोक व्यक्त किया। त्रिपाठी ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
पूर्व मंत्री ने कहा कि सिद्धांत तिवारी का बेटा, पार्थ तिवारी जो अपनी उम्र के सबसे ऊर्जावान युवाओं में से एक था, अचानक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
राकेशधर त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा, "यह एक अत्यंत दुखद घटना है। सिद्धांत तिवारी का बेटा युवा था और उसके पास जीवन के कई सपने थे। हमें इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ा रहना चाहिए।" उन्होंने गांव के लोगों से अपील की कि वे इस कठिन समय में तिवारी परिवार का सहारा बनें।
उन्होंने कहा कि इस तरह की असामयिक घटनाएं समाज के लिए एक बड़ा सदमा होती हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हम सब उनके साथ हैं और हमारी प्रार्थनाएं उनके परिवार के साथ हैं। उनके बेटे पार्थ तिवारी की कमी हम सभी को महसूस होगी।"
सिद्धांत तिवारी, जो एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता भी है, उन्होंने अपने शिक्षण समय और उसके पश्चात हमारे साथ रहकर एक छोटे भाई की तरह कई महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। उनके बेटे की असामयिक मृत्यु ने न केवल परिवार बल्कि पूरे समुदाय को प्रभावित किया है। उक्त अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के यमुनापार जिलाध्यक्ष इंजीनियर नित्यानंद उपाध्याय सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
