प्रयागराज (राजेश सिंह)। तेजी से पांव पसार रही सर्दी के बीच हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ती जा रही है। मंगलवार सुबह प्रदूषण स्तर गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया है। लाइव एक्यूआइ 331 तक पहुंच गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। पिछले हफ्ते तक यह स्तर 100दृ150 के बीच था, लेकिन लगातार तीन दिनों से छाई धुंध और नमी ने प्रदूषण को तेजी से बढ़ा दिया है।
सूक्ष्म कणों के बढ़ने से दमा रोगियों की परेशानी बढ़ेगी
प्रदूषण के मुख्य कारक पीएम10 और पीएम 2.5 की मात्रा सामान्य से कई गुना अधिक पाई गई। पीएम 10 का स्तर 215 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर और पीएम 2.5 का स्तर 160 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इनकी सुरक्षित सीमा क्रमशः 100 और 60 माइक्रो ग्राम घन मीटर मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार इन सूक्ष्म कणों के बढ़ जाने से सांस लेने में दिक्कत, गले में जलन, आंखों में खुजली और अस्थमा के रोगियों की परेशानी बढ़ सकती है।
नमी और निम्न तापमान ने बढ़ाया स्माग
मौसम विभाग के 24 घंटे के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस और मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह सापेक्षिक आर्द्रता 83 प्रतिशत थी, जो स्माग बनने का अनुकूल माहौल है।
24 घंटे में नमी बढ़ी तो स्तर 400 की ओर बढ़ सकता है
विशेषज्ञ बताते हैं कि हवा में बढ़ती नमी और कम तापमान प्रदूषक कणों को जमीन के पास रोक देते हैं, जिससे स्माग की परत घनी होती जाती है। प्रदूषण स्तर 300 पार करते ही हवा ‘अनहेल्दी’ और 400 की ओर बढ़ते ही ‘खतरनाक’ श्रेणी में मानी जाती है। प्रयागराज का एक्यूआइ 331 पहुंचने के साथ गंभीर स्तर में दर्ज हो गया है। यदि अगले 24 घंटे में हवा नहीं चली या नमी और बढ़ी, तो यह स्तर 400 की ओर बढ़ सकता है।