प्रयागराज (राजेश सिंह)। सनातन धर्म और संस्कृति के संवाहक माघ मेला के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर संगम के पवित्र जल में स्नान करने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े।
पुण्य की लालसा में स्नान-दान एक दिन पहले आरंभ हो गया। मेला प्रशासन ने दावा किया कि शनिवार को दिनभर में 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। वहीं, रात 11.53 बजे अमावस्या लगने के बाद भक्ति का वेग बढ़ गया।
ठंड और कोहरा के बीच श्रद्धालु संगम की ओर बढ़ने लगे। हर-हर गंगे का उदघोष करते हुए संगम में डुबकी लगाई। संगम के साथ गंगा के घाटों में रातभर स्नान चला। अमावस्या रविवार की रात 1.09 बजे तक है। ऐसे में दिनभर स्नान चलेगा।
मकर राशि में मंगल, बुध, शुक्र और सूर्य का संचरण होने से चतुर्ग्रहीय योग बना। इससे श्रद्धालु उल्लासित हैं। मेला प्रशासन का अनुमान है कि लगभग चार करोड़ श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाएंगे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के अनुरूप प्रबंध किए गए हैं। शहर से लेकर माघ मेला तक का ट्रैफिक डायवर्जन विशेष रूप से लागू हो गया है। शनिवार शाम को जिला स्तर का भी डायवर्जन प्लान लागू कर दिया गया।
माघ मेला के तीसरे मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आना वैसे शुक्रवार शाम से शुरू हो गया था। शनिवार सुबह से मेला में श्रद्धालुओं रेला दिखाई पड़ने लगा।
ट्रेनों और रोडवेज बसों के साथ ही टाटा मैजिक, ट्रकों व ट्रैक्टर ट्राली भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं का आना शनिवार सुबह शुरू हो गया था। सबसे ज्यादा लोग निजी वाहनों से आ रहे थे। शाम तक तो मेला पैक हो गया था।
रात तक मेला में कल्पवास कर रहे संतों से लेकर गृहस्थों तथा संस्थाओं के शिविर भी फुल हो गए थे। लगभग एक लाख 30 हजार वाहनों की क्षमता के कुल 42 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जिनमें ज्यादातर फुल हो गए थे। नैनी, झूंसी और फाफामऊ की ओर से श्रद्धालुओं का मेला क्षेत्र में आने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। रविवार को पूरे दिन मौनी अमावस्या का स्नान होगा।
मौनी महास्नान को उमड़ी भीड़ को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में है। सबसे महत्वपूर्ण पूरे मेला क्षेत्र में आने-जाने के मार्ग अलग निर्धारित हैं। इसके साथ ही तेजी से वापसी कराने के लिए पुलिस व प्रशासन की विशेष टीमें लगाई गई हैं।
स्नान के बाद संगम व अन्य घाटों को फौरन खाली कराने के लिए विशेष अधिकारियों व पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। प्रत्येक घाट, मेला के प्रमुख स्थानों पर मेडिकल टीमें लगाई गईं हैं। संगम पर सबसे ज्यादा एंबुलेंस लगाई गई हैं।
माघ मेला के मुख्य स्नान पर्व पर भारी संख्या में श्रद्धालु संगम की रेती पर पहुंच गए हैं। एक दिन पहले शनिवार को भी काफी संख्या में स्नानार्थियों ने संगम में डुबकी लगाई। इस महास्नान पर्व को लेकर श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।-ऋषि राज, मेलाधिकारी
मुख्यमंत्री की महास्नान पर नजर, दी शुभकामनाएं
माघ मेला के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर तीर्थराज में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर प्रशासन से लेकर शासन तक हर पल की जानकारी लेता रहा। स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उच्चाधिकारियों से वार्ता की।
