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कैप्टन शांभवी ने दादी को भेजा गुड मार्निंग मैसेज, दो घंटे बाद विमान हादसे में मौत

 

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ग्वालियर। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान की को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक ने कभी मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हवा में उड़ान भरने का सपना देखा था। शांभवी ने ग्वालियर के एयरफोर्स स्कूल नंबर-वन बाल भारती स्कूल से 2016 से 2018 तक पढ़ाई की।

ग्वालियर में रहने वाली दादी मीरा पाठक को शांभवी ने बुधवार सुबह 6:36 बजे गुड मार्निंग का मैसेज भेजा था। दादी को करीब दो घंटे बाद विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की बुरी खबर मिली। शांभवी की विमान हादसे में मौत हो गई। ग्वालियर में फिलहाल शांभवी की दादी मीरा पाठक ही रहती हैं।

घर में पायलट शांभवी की कुछ बचपन की तस्वीरें लगी हैं। फाइटर प्लेन से उन्हें बेहद लगाव था, क्योंकि उनके पिता इंडियन एयर फोर्स में रहे हैं। दादी ने बताया कि 12 अक्टूबर 2025 को शांभवी से उनकी मुलाकात हुई थी। शांभवी का परिवार अभी दिल्ली में रहता है।

परिवार में छोटा भाई वरुण, मां रोली शुक्ला पाठक हैं। पिता विक्रम पाठक एयरफोर्स में स्क्वाड्रन लीडर थे और यहां ग्वालियर एयरफोर्स में पदस्थ थे। शांभवी का ननिहाल उत्तर प्रदेश के कानपुर में हैं।

शांभवी ने 2018 में ग्वालियर से 12वीं करने के बाद मुंबई यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया। जहां से एयरोनाटिक्स-एविएशन-एयरोस्पेस विज्ञान और प्रौद्योगिकी में बीएससी की डिग्री हासिल की।

फिर न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कामर्शियल पायलट अकादमी में दाखिला लिया। यहां उन्होंने कामर्शियल पायलट और फ्लाइट क्रू का प्रशिक्षण लिया। पायलट बनने के अलावा शांभवी भावी पीढ़ी के पायलटों को प्रशिक्षित करने के लिए समर्पित थीं। उन्होंने मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में सहायक उड़ान प्रशिक्षक के रूप में कार्य किया।

शांभवी पाठक दिल्ली स्थित नॉन-शेड्यूल्ड एयर ट्रांसपोर्ट आपरेटर वीएचआर वेंचर्स में फ‌र्स्ट आफिसर के तौर पर काम कर रही थीं, जो छोटे विमान लियारजेट 45 का संचालन करती है। 2022 से वह वीएचआर वेंचर्स से जुड़ी हुई थीं।

कैप्टन शांभवी की शादी की तैयारी कर रहा था परिवार

कैप्टन शांभवी का परिवार दक्षिणी दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव में किराये के मकान में रह रहा था। दो दिन पहले ही परिवार सफदरजंग एन्क्लेव में ही अपने फ्लैट में शिफ्ट हुआ है। शांभवी के निधन पर पड़ोसियों को यकीन ही नहीं हो रहा है।

परिवार शांभवी की शादी कराने की तैयारी कर था। बेटी की मौत से मां रोली पाठक एकदम से टूट चुकी हैं। पिता विक्रम पाठक बेटी का शव लेने के लिए मुंबई गए हैं। वहीं, छोटा भाई वरुण मां को ढांढस बंधा रहा है।

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