श्रद्धालुओं से गंगा-यमुना को प्रदूषण मुक्त रखने का वचन लिया
प्रयागराज (राजेश सिंह)। संगम तट पर प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने एक अनूठी पहल की। उन्होंने श्रद्धालुओं से धन के बजाय स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प मांगा।
सरदार पतविंदर सिंह अपने सहयोगियों के साथ संगम तट के विभिन्न घाटों पर प्ले-कार्ड लेकर घूमते दिखे। इन प्ले-कार्ड पर लिखा था, ष्भिक्षा चाहिए३ नदियों, पर्यावरण, धर्म, मन, संगम और वायुमंडल को प्रदूषण मुक्त रखने का वचन।ष्
उन्होंने स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं से हाथ जोड़कर निवेदन किया कि जिस तरह वे दान-पुण्य करते हैं, उसी तरह स्वच्छता को भी धर्म का हिस्सा मानें। पतविंदर सिंह ने कहा कि उन्हें पैसे की भिक्षा नहीं चाहिए, बल्कि यह वचन चाहिए कि श्रद्धालु स्वयं घाट को स्वच्छ रखेंगे और दूसरों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करेंगे।
पतविंदर सिंह ने जोर देकर कहा कि धार्मिक महोत्सवों में श्रद्धालुओं और धर्म की पवित्रता तभी बनी रह सकती है, जब संगम घाट, गंगा-यमुना और उनके तट स्वच्छ रहें। उन्होंने माघ मेला, अर्धकुंभ और महाकुंभ जैसे आयोजनों में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं से संगम को प्रदूषण से बचाने के दायित्व का पालन करने की अपील की।
इस अभियान में उनके सहयोगी सौरभ यादव ने स्पष्ट किया कि यह पहल किसी भी तरह से आर्थिक सहायता जुटाने के लिए नहीं है। उन्होंने कहा, हमें न पैसा चाहिए और न कोई मूल्यवान वस्तु। हमारी एकमात्र मांग है कि गंगा-यमुना और उनके तट स्वच्छ रहें। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म की नगरी में पान, गुटखा और तंबाकू जैसे नशे से दूर रहने की भी अपील की।
पतविंदर सिंह की इस सामाजिक और जन-जागरूकता से जुड़ी पहल की श्रद्धालुओं ने सराहना की। लोगों ने इसे धर्म और स्वच्छता का सच्चा संगम बताते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
