भोला जायसवाल की जब्त की गई संपत्तियों का मामला, सरकार से रिपोर्ट मांगी
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोडीन युक्त कफ़ सिरप को नशे के लिए तस्करी करने के मुख्य आरोपी भोला जायसवाल की जब्त की गई संपत्तियों के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट एवं न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने प्रॉपर्टी रिलीज करने की मांग में दाखिल भोला जायसवाल की याचिका पर दिया है। याचिका का विरोध करते हुए अपर महाधिवक्ता व एजीए प्रथम परितोष कुमार मालवीय ने कहा कि याची का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है।
झारखंड, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में कोडीन युक्त सिरप की सप्लाई नशे के लिए की जाती है। इस कारोबार से उसने करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति बनाई है। इसमें एक मर्सिडीज कार और लगभग 40 करोड़ की अचल संपति वाराणसी में पाई गई है। बैंकों में भी करोड़ों रुपये जमा है। इस आमदनी का कोई वैध जरिया नहीं मिला है। पुलिस की जांच से पता चला है कि यह सारी कमाई कफ़ सिरप के अवैध कारोबार से की गई है।
वहीं याची के अधिवक्ता का कहना था कि सोनभद्र की स्पेशल कोर्ट एनडीपीएस ने जल्दबाजी में प्रॉपर्टी अटैच करने का आदेश किया है। याची जेल में बंद होने के कारण उचित तरीके से अपना पक्ष नहीं रख पाया था। जब्त की गई संपत्ति उसकी वैध कमाई की है इसलिए इसे रिलीज किया जाए। कोर्ट ने सुनवाई के बाद राज्य सरकार को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
