प्रयागराज। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को बारा तहसील का औचक निरीक्षण किया। उनके अचानक पहुंचने से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने लगभग तीन घंटे तक तहसील में रहकर व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया और प्रत्येक शाखा में जाकर अभिलेखों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। जिलाधिकारी ने राजस्व अभिलेखागार, नाजिर शाखा, लेखा विभाग और न्यायालय कक्षों का निरीक्षण किया। उन्होंने लंबित फाइलों की स्थिति की जानकारी ली और पाया कि कई मामले निर्धारित समय सीमा में निस्तारित नहीं हुए थे।
इस पर उन्होंने एसडीएम बारा और संबंधित कर्मचारियों को सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान, तहसील परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं ने भी जिलाधिकारी से मुलाकात की और विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली में सुधार, अभिलेखों के रखरखाव और मूलभूत सुविधाओं की कमी पर ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने विशेष रूप से तहसील परिसर में शौचालय व्यवस्था की दयनीय स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की और जिलाधिकारी से स्थलीय निरीक्षण का आग्रह किया।
अधिवक्ताओं के अनुरोध पर, जिलाधिकारी ने तत्काल शौचालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि शौचालयों की सफाई और रखरखाव संतोषजनक नहीं था। इस पर उन्होंने एसडीएम बारा को निर्देश दिया कि तहसील परिसर में शौचालयों की व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि दूर-दराज से आने वाले फरियादियों, अधिवक्ताओं और आमजन के लिए स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित शौचालय अनिवार्य है, जिसके लिए नियमित सफाई, पानी की उपलब्धता और रखरखाव की निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए। जिलाधिकारी ने तहसील कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान में देरी या लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

