नौकरी के बहाने फर्जी फर्म बनाकर 50 लाख ट्रांसफर, सीएम से गुहार
प्रयागराज (राजेश सिंह)। यमुनानगर के करछना थाना क्षेत्र के सुलमई धरवारा गांव में एक वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि नौकरी दिलाने के बहाने एक युवक को व्यवसाय में साझेदार बनाकर उसके नाम पर फर्जी फर्म बनाई गई। इसके बाद बैंक से 75 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराकर लगभग 50 लाख रुपये आरोपियों के खातों में स्थानांतरित कर दिए गए।
पीड़ित आकाश कुमार निषाद (निवासी सुलमई धरवारा) ने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले वह नौकरी की तलाश में अपने मौसा विशाल साहनी, उनके पुत्र शुभम साहनी और एक अन्य बेटे के संपर्क में आए थे। ये सभी छतनाग, थाना झूंसी के निवासी हैं। आरोपियों ने आकाश को नौकरी और व्यवसाय में साझेदारी का भरोसा दिया था।
आरोपियों ने आकाश के नाम पर भारतीय स्टेट बैंक की नैनी शाखा में एक फर्जी फर्म बनवाई। इसके बाद 75 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करा लिया गया। पीड़ित के अनुसार, ऋण की यह राशि आरटीजीएस के माध्यम से आरोपियों के खातों में हस्तांतरित कर दी गई। कुछ महीनों बाद जब बैंक की किस्तें जमा नहीं हुईं और बैंक ने उसके पते पर नोटिस भेजा, तब उसे इस धोखाधड़ी का पता चला।
पीड़ित ने जब आरोपियों से ऋण की किस्तें जमा करने को कहा, तो उसे कथित तौर पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों ने उसकी दो चारपहिया गाड़ियां भी जबरन अपने कब्जे में ले लीं, जो अभी तक वापस नहीं की गई हैं। पीड़ित ने करछना थाना, एसीपी करछना और पुलिस आयुक्त प्रयागराज सहित कई उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पुलिस प्रशासन और बैंक अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उसने अनुरोध किया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और अवैध कब्जे की धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाए। पीड़ित ने यह भी मांग की है कि बैंक ऋण की वसूली वास्तविक दोषियों से कराई जाए और उसे न्याय दिलाया जाए।
