प्रयागराज (राजेश सिंह)। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को विकास भवन पहुंचकर विभिन्न कार्यालयों का प्रातः औचक निरीक्षण किया और विकास भवन स्थित सभी कार्यालयों में उनसे सम्बंधित विभागीय कार्यों के प्रगति की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। उन्होंने विकास भवन में निरीक्षण के दौरान सभी कार्यालयों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की जानकारी लेेते हुए सभी कार्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाये जाने एवं आने वाले लोगो की समस्याओं को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए नियमानुसार शीघ्रता से निस्तारित करने एवं उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश दिए है।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी से निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाये गये अधिकारियों एवं कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोके जाने एवं स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी कार्यालयों के उपस्थिति पंजिका में आकस्मिक अवकाश के स्वीकृति पत्र को भी पंजिका में ही रखे जाने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को समय से कार्यालय आने एवं अपने-अपने कार्यालय मे साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था एवं फाइलों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए है।
जिलाधिकारी ने विकास भवन के सभी कार्यालयों की उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण कराया, जिसमें जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय के 02 कर्मचारी, कृषि रक्षा विभाग के 05 कर्मचारी, सहकारिता विभाग के 03 कर्मचारी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के 03 कर्मचारी, लघु सिंचाई विभाग के 02 कर्मचारी, प्रोबेशन विभाग के 02, यूपीनेडा के 01, कौशल विकास विभाग के 09 कर्मचारी, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के 01 कर्मचारी, समाज कल्याण विभाग के 01 कर्मचारी, एनआरएलएम के 01 कर्मचारी, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 01 कर्मचारी, अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय के 03 कर्मचारी, डीआरडीए के 01 कर्मचारी, जिला ग्रामोद्योग विभाग के 03 कर्मचारी सहित कुल 38 कर्मचारी अनुपस्थित पाये गये तथा 24 कर्मचारी आकस्मिक अवकाश पर पाये गये। अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि सभी अधिकारी/कर्मचारी समय से कार्यालय पहुंचे तथा उनके कार्यालय में आने वाले लोगो की समस्याओं को नियमानुसार शीघ्रता से निस्तारित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा कार्यालयों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण किया जाता रहेगा और यदि उनके निरीक्षण में कोई भी अधिकारी एवं कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाया जायेगा या कार्यों में लापरवाही या उदासीनता पायी गयी, तो उसके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
जिलाधिकारी ने विकास भवन का निरीक्षण करते हुए विकास भवन एवं यहां पर स्थित कार्यालयों के बारे में मुख्य विकास अधिकारी से विस्तार से जानकारी प्राप्त की और विकास भवन में स्थित कार्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी से आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण का कार्य पूर्ण कराये जाने, जिन भवनों के निर्माण में जमीन से सम्बंधित विवाद है, उसकी सूची बनाकर सम्बंधित एसडीएम से जमीन का चिन्हॉकन कराते हुए निर्माण कार्य को पूर्ण कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन हो गया है, उनका अनुमोदन कराकर वहां पर आंगनबाड़ी सहायिकाओं के चयन को पूर्ण करायेें तथा शेष परियोजनाओं के चयन की कार्यवाही भी एक सप्ताह में पूर्ण करायें। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों की सीएम डैशबोर्ड पर रैकिंग सी व डी कैटेगरी में है, उन कार्यों में प्रगति लाते हुए उन्हें ए व बी श्रेणी में लायें।
