Ads Area

Aaradhya beauty parlour Publish Your Ad Here Shambhavi Mobile Aaradhya beauty parlour

डकैती के चार अभियुक्तों की उम्रक़ैद की सजा रद्द

sv news

हाईकोर्ट ने कहा-ठोस साक्ष्य नहीं, दुश्मनी के आधार पर दोषी नहीं ठहरा सकते

प्रयागराज (राजेश सिंह)। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डकैती से जुड़े मामले में चार अभियुक्तों की उम्रकैद की सजा रद कर दी है। कहा है कि किसी ठोस साक्ष्य के बिना केवल दुश्मनी के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

न्यायमूर्ति जेजे मुनीर तथा न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने अपीलार्थी अमर सिंह, प्रकाश उर्फ ओम प्रकाश, बहोरी उर्फ बीरी सिंह को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा, अभियोजन की जिम्मेदारी थी कि वह बिजली विभाग के कर्मचारी को गवाह के रूप में पेश करता जो यह सत्यापित करता कि गांव सकरवा को किस फीडर से बिजली मिलती थी।

ऐसा होता तो वह बता सकता था कि घटना के समय गांव में बिजली थी या नहीं। कोर्ट ने इसे महत्वपूर्ण कमी माना। कहा अपराध के मामले में अभियोजन को अपना मामला संदेह से परे साबित करना होता है। अभियोजन की इस कमी से मामला कमजोर होता है।

कोर्ट ने कहा डकैत रात में वारदात करते हैं ताकि पहचान न हो

अभियोजन गवाहों ने कहा है कि सभी अभियुक्तों ने अपने चेहरे को ढंके बिना बिजली की रोशनी में डकैती की, जो मानव प्रकृति के विरुद्ध है। कोर्ट ने कहा, यह जगजाहिर तथ्य है कि डकैत आमतौर पर रात के अंधेरे में अपराध करते हैं और चेहरे को ढंकते हैं ताकि उनकी पहचान न हो सके। लेकिनग इस मामले में, अभियुक्तों ने पोहप सिंह के घर में डकैती की, जो वादी मुकदमा टीका राम का भाई है वह भी रात में बिजली की रोशनी में चेहरे को ढंके बिना। पोहप सिंह को भी गवाह के रूप में पेश नहीं कियाजाना अभियोजन के खिलाफ गया।

मथुरा के प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्तों अमर सिंह, प्रकाश उर्फ ओम प्रकाश, हरदयाल, बहोरी और बीरी सिंह को आईपीसी की धारा 396 के तहत 22 दिसंबर 1987 को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी।

डकैती की यह घटना 10/11 नवंबर 1985 की रात को लगभग दो बजे हुई थी। अंधाधुंध गोलीबारी में सुफहा जाटव के पुत्र सुमेरा की मौत हो गई थी जबकि कुछ लोग घायल हुए थे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Top Post Ad