Ads Area

Aaradhya beauty parlour Publish Your Ad Here Shambhavi Mobile Aaradhya beauty parlour

नंदगांव में सखियों ने हुरियारों पर लाठियां बरसाईं

sv news

नंद बाबा मंदिर में जमकर उड़ा गुलाल; 10 लाख लोग लट्ठमार होली देखने पहुंचे

मथुरा। मथुरा के नंदगांव की रंगीली चौकी पर गुरुवार को लट्घ्ठमार होली खेली गई। सजी-धजी राधारानी की सखियों ने बरसाना से आए हुरियारों पर लट्घ्ठ बरसाए। हुरियारों ने सखियों के हमलों को अपनी ढाल से रोका। इस दौरान करीब 11 क्विंटल अबीर गुलाल भी उड़ाया गया। साथ ही लोगों ने डांस किया। लट्घ्ठमार होली देखने के लिए देश-विदेश से करीब 10 लाख लोग नंदगांव पहुंचे थे।

नंदगांव में भगवान श्रीकृष्ण का बचपन बीता था, जबकि बरसाना में राधाजी पली-बड़ी हुई थीं। दोनों गांव के बीच सिर्फ 8ाउ की दूरी है। द्वापर युग से परंपरा रही है कि पहले नंदगांव से श्रीकृष्ण के सखा बरसाना में होली खेलने जाते हैं। उसके अगले दिन बरसाना के हुरियारे नंदगांव में लट्घ्ठमार होली खेलने आते हैं।

इससे पहले बुधवार (25 फरवरी) को बरसाना में लट्घ्ठमार होली खेली गई थी। तब नंदगांव से गए श्रीकृष्ण के सखाओं पर बरसाना की सखियों ने जमकर लाठी बरसाई थीं। होली खेलने के बाद हुरियारों ने नंद बाबा मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान मंदिर के महंतों ने भी हुरियारों पर गुलाल बरसाया। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ सूरज पटेल ने बताया- आज नंदगांव में लट्ठमार होली खेली गई। यहां हम लोगों ने शानदार व्यवस्था की थी। परिषद और प्रशासन ने भी सहयोग किया। यहां के लोगों का भी योगदान रहा। परिषद ने तीन स्टेज लगाए थे। कई स्ट्रीट परफारमेंस के ग्रुप लगवाए गए थे।

sv news


हुरियारे ने सुनाई होली की कहानी

बरसाना से आए यतेंद्र तिवारी ने बताया- जब भगवान श्रीकृष्ण होली खेलते-खेलते बिना फगुआ दिए वापस चले गए थे। तब बरसाना की गोपियों ने सोचा कि कान्हा बिना फगुआ दिए चले गए हैं। तब सभी ने मिलकर तय किया कि 10वीं के दिन नंदबाबा के घर चलते हैं और फगुआ मांगेंगे। फिर गोपियां यहां आईं और फगुहा मांगा। द्वापर में केसर-कुमकुम से रंग तैयार किया जाता था। कपड़े-मिठाई गिफ्ट में दी जाती थीं। उसी परंपरा के निभाते हुए नंदगांव और बरसाना के लोग लट्ठमार होली खेलते हैं। आज बरसाना से हुरियारे आए हैं। पहले उन्होंने यशोदा कुंड पर जाकर पग बांधे। फिर गलियों से होते हुए नंदगांव पहुंचे। इसके बाद राधारानी की सखियों से हंसी-ठिठोली की। इसके बाद लट्घ्ठमार खोली गई।

सखी बोली- खूब प्रेम वर्षा हुई

सखी अनु ने बताया कि आज बरसाना के हुरियारे नंदगांव आए थे। यहां जमकर होली खेली। राधारानी और कृष्ण के सभी ने दर्शन किए। खूब प्रेम वर्षा हुई। श्रीजी का ठाकुर जी की अच्छी लीला हुई।

सखियों ने गीत गाए

लट्ठमार बरसाते समय सखियों ने होली गीत गाए। हुरियारों से सखियां बोलीं-चंदा छिप मत जइयो आज श्याम संग होली खेलूंगी। इसके जवाब में हुरियारों ने गाया- लहंगा तेरो छींट को ऊपर गोटा लाल, चेहरा खोल दिखाय दे तेरे नारंगी से गाल। वहीं होली देख रहे लोग भी उनके साथ लगातार गीत गा रहे थे। होली खेलने से पहले हुरियारे नंदगांव की गलियों में घूमे। उन्होंने गीत गाकर फगुआ मांगा। मार होली खेलने के दौरान हुरियारे अलग-अलग तरह के कपड़े पहने नजर आए। कोई राजस्थानी पगड़ी लगाए था, तो कोई मराठी टोपी। इस होली के लोगों ने जमकर वीडियो बनाए।

ऐसी होली देखने के लिए देवता भी तरसते हैं

बरसाना के रहने वाले बिहारी शरण गोस्वामी ने बताया- होली खेलने के उत्साह का वर्णन नहीं कर सकते। एक दिन पहले हम ठाकुर जी को निमंत्रण भेजते हैं। ठाकुर जी आप हमारे यहां होली खेलने आइए। होली का निमंत्रण लेकर बरसाना से आते हैं। इसके बाद हम लोग यहां से लाला को भेजते हैं कि देखकर आओ कि वहां बरसाना में महारानी की कैसी तैयारी है? ठाकुर जी का सखा बरसाना जाता है। वह वहां की तैयारियां देखता है। फिर आकर बताता है कि वहां बहुत अच्छी तैयारी है। भव्य रूप से सजा है। फिर यहां से लाला अपने सखों के साथ बरसाना होली खेलने जाते हैं। वहां राधारानी के साथ होली खेलते हैं। फिर वो निमंत्रण देते हैं कि अब आप हमारे यहां होली खेलने आना। हम लोग फगुआ मांगने आते हैं। फिर हम लोग नंदगांव में होली खेलते हैं। ऐसी होली देखने के लिए देवता भी तरसते हैं। नंदबाबा मंदिर में होली और रंगीली चौक पर लट्ठमार खेली जा रही है। इस दौरान पूरा नजारा बहुत आकर्षक लग रहा है। राधा बोलीं- लग रहा, श्रीकृष्ण के साथ होली खेल रही। सखी राधा शर्मा ने बताया कि उनकी यह 11 भी होली है। बहुत आनंद आ रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे भगवान श्रीकृष्ण के साथ होली खेल रही हूं। बरसाना से पहुंचे देवेश गोस्वामी ने बताया कि बहुत सुंदर लग रहा है। आज हम फाग लेने दोबारा आए हैं। हम पहले भी यहां की लट्घ्ठमार होली खेलते रहे हैं। ऐसी होली पूरी दुनिया में कहीं नहीं होती। बरसाना के हुरियारे राधारानी के सखी के रूप में नंदगांव पहुंच गए हैं। वह उपहार यानी फगुआ लेने पहुंचे हैं। नंदगांव की हुरियारिनों ने जमकर लठ्ठ बरसा रही हैं। रंगीली चौक पर ग्वाल-ग्वालन पहुंच गए हैं। कुछ देर में लठ्ठमार होली शुरू होगी। इसे देखने के लिए लोग छतों पर भी मौजूद हैं। नंदगांव में लठ्ठमार होली खेलने के लिए बरसाना के नन्हें ग्वाल उत्साह और उमंग के साथ पहुंच गए हैं। सिर पर पारंपरिक ढाल धारण किए ये बाल गोपाल रंग और गुलाल की बौछारों के बीच लठमार होली की अनोखी परंपरा निभाएंगे।

sv news

मान्यता है कि यह परंपरा राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी है। जहां नन्दगांव की गोपियां बरसाना के ग्वालों पर लाठियों से प्रहार करती हैं तो दूसरेऔर ग्वाल ढाल से अपना बचाव करते हैं। होली स्थान रंगीली चौक को भव्य और आकर्षक रूप में सजाया गया है। वहीं नंदबाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ है। यहां श्रद्धालु जमकर अबीर-गुलाल उड़ा रहे हैं। नंदगांव के रंगीली चौक पर लठ्ठमार होली खेलने के लिए बरसाना के ग्वालवाल पहुंच रहे हैं। वह सिर पर डाल रखकर पहुंचे हैं।

खुशी बोलीं- मैं पहली बार लट्ठमार होली खेलूंगी

नंदगांव की बहू खुशी भारद्वाज ने बताया कि यह मेरी पहली होली है। होली के बारे में अब तक सिर्फ मैंने सुना था। लेकिन इस बार मैं पहली बार इसे खेलूंगी। यह बेहद उत्साह करने वाला है। पिछले एक महीने से होली की तैयारियां चल रही थीं। लट्ठमार होली के लिए मैंने पहले से ही खास खानपान शुरू कर दिया था। मैं नियमित रूप से दूध, घी, मक्खन और ड्राई फ्रूट का सेवन कर रही थीं। ताकि पूरे जोश और ऊर्जा के साथ होली का आनंद ले सकूं। मैं इस ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा बनकर खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं।

कृष्ण के ग्वालों संग डांस कर रहीं राधारानी की सखियां

रंगीली चौक पर होली खेलने पहुचीं राधारानी की सखियां और कृष्ण के ग्वाले डांस कर रहे हैं। होली गीतों को गा रहे हैं। सोनिया बोलीं- लत वर्षा कर लट्ठमार होली खेलूंगी सोनिया शर्मा ने कहा कि मेरी यह दूसरी होली है। एक महीने पहले से ही होली खेलने की तैयारी कर रही थी। होली खेलने के लिए मैं काफी उत्साहित हूं। हाथों में लट्घ्ठ लेकर पहुंची सखियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बरसाने के हुरियारे पर लत वर्षा कर होली खेलेंगी।

वंदना बोलीं- लट्ठमार होली का इंतजार रहता है

रंगीली चौक पर लट्ठ लेकर पहुंची वंदना शर्मा ने कहा कि लट्ठमार होली को लेकर मैं काफी उत्साहित हूं। मैं इस घड़ी का इंतजार काफी लंबे समय से कर रही थी। मेरी यह दूसरी होली है।

रंगीली चौक पर हाथों में लट्ठ लेकर सखियां पहुंची

नंदगांव के रंगीली चौक पर होली खेलने के लिए हाथों में लट्ठ लेकर सखियां पहुंच गईं हैं। बरसाना के हुरियारों के पहुंचने के बाद लठ्ठमार होली शुरू होगी। नंदगांव में होली स्थान रंगीली चौक पर कलाकार पहुंचने लगे हैं। यहां पर सपेरों की बीन की धुन पर कृष्ण बनी सखियां डांस कर रही हैं। नंदगांव में 5 बजे से लठ्ठमार होली खेली जाएगी। कुछ देर में ही बरसाना के हुरियारे नंदगांव पहुेंचेंगे। जहां राधा की संखिया उन पर लठ्ठ बरसाएंगी। उससे पहले वहां पर भक्तों की भीड़ जुटने लगी है। कलाकार पहुंच गए हैं। वह होली गीतों पर डांस कर रहे हैं। 25 फरवरी को बरसाना में लट्ठमार होली खेली गई थी। इसमें हिस्सा लेने के लिए देश-विदेश से 20 लाख लोग मथुरा पहुंचे थे। नंदगांव से गए श्रीकृष्ण के सखाओं पर बरसाना की सखियों ने जमकर लाठी बरसाईं थीं।

होली खेलने के दौरान हुरियारों की भी खुशी का ठिकाना नहीं था। वो कहते रहे-लट्ठ खाने में बहुत आनंद आता है। इस दौरान रंगीली गली और कुंज गलियों में 20 क्विंटल गुलाल उड़ाया गया। हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश भी की गई। हुरियारिनों ने सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसवालों को भी नहीं बख्शा। महिलाओं ने उन पर अबीर-गुलाल के साथ लट्ठ भी बरसाए। इससे पहले मंगलवार (24 फरवरी) को राधारानी (लाड़लीजी) मंदिर में लड्डूमार होली खेली गई थी। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Top Post Ad