पीटीआई, यरुशलम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को इजरायल में रहने वाले भारतीय मूल के यहूदियों से मुलाकात की और इजरायल में उनके उल्लेखनीय योगदान को दोनों देशों के बीच "जीवंत सेतु" बताया। तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, 2023 तक इजरायल में भारतीय मूल के लगभग 85 हजार यहूदी रहते थे।
पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, भारतीय यहूदी समुदाय के सदस्यों से बातचीत की। भारत से उनका गहरा जुड़ाव और इजरायल में उनका उल्लेखनीय योगदान दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु का काम करता है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के साथ उनका अटूट बंधन, पीढ़ियों से चली आ रही परंपराएं और इजरायल के लिए उनका उल्लेखनीय योगदान दोनों देशों को एक-दूसरे से जोड़ता है। उनकी आत्मीयता और साझा विरासत की कहानियां भारत-इजरायल के बीच मित्रता की भावना को दर्शाती हैं।
पीएम मोदी से मिलने वालों में यरुशलम से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित अश्केलोन की पार्षद डॉ. रिकी शाही भी शामिल थीं। उन्होंने मोदी के बारे में कहा कि वह लोगों के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं। यह उनके कार्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वह ज्यादा बोलते नहीं हैं, लेकिन बहुत कुछ करते हैं।
डॉ. शाही ने बताया कि उन्होंने बड़ौदा और अश्केलोन के बीच 'जुड़वां शहर' कार्यक्रम की शुरुआत की है। डॉ. शाही के माता-पिता बड़ौदा के रहने वाले थे। मणिपुर में जन्मे एचआर मैनेजर इसहाक थांगजोन लगभग पांच साल पहले इजरायल आए थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा वाकई शानदार है।
