प्रेमी ने जीवन छलनी किया, अपनों ने मौत के मुहाने पर छोड़ा, बचाने की कोशिश में डॉक्टर; दर्दनाक कहानी
प्रयागराज (राजेश सिंह)। प्रयागराज में एक युवती गर्भवती हुई तो उसका प्रेमी झोलाछाप के हवाले कर भाग गया। हालत बिगड़ने पर एसआरएन अस्पताल पहुंचाकर उसकी मां निकल गई। युवती वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही है। डॉक्टर उसके साथ हैं।
प्रेम के त्योहार पर वासना, धोखा और क्रूरता की मिलावटखोरी सामने आई है। इसकी शिकार फाफामऊ क्षेत्र की एक युवती जब गर्भवती हुई तो तथाकथित प्रेमी उसे झोलाझाप के हवाले कर भाग गया। हालत बिगड़ने पर मां उसे स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल तक लाई और छोड़कर निकल गई।
युवती वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही है। डॉक्टर उसके साथ हैं। प्रेम में सब कुछ न्योछावर करने वाली युवती (20) शादी से पहले गर्भवती हुई, गर्भ गिराने के लिए युवक उसे झोलाछाप के पास ले गया। ऑपरेशन के दौरान उसकी बच्चेदानी और आंतें क्षतिग्रस्त हो गईं।
इसकी जानकारी पर युवक फरार हो गया। मां को खबर हुई तो वह किसी तरह उसे एसआरएन अस्पताल लेकर पहुंची। डॉक्टर के मुताबिक, बातचीत चल ही रही थी कि मां गायब हो गई। युवती की हालत ज्यादा खराब थी, इसलिए मां को ढूंढ़ने के बजाय तत्काल एडमिट कर उसका इलाज शुरू कर दिया गया। प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह के निर्देश पर असिस्टेंट प्रो. डॉ. संतोष सिंह, डॉ. आत्रेई साहा, डॉ. अनामिका पांडेय, डॉ. खालिद, डॉ. विवेक व डॉ. आदित्य की टीम ने युवती का ऑपरेशन किया।
बच्चेदानी निकाली गई
डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि युवती को जब अस्पताल लाया गया था तो उसकी बच्चेदानी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त थी। आंतों में छेद हो गया था। करीब तीन घंटे ऑपरेशन चला। बच्चेदानी निकाल दी गई है। आंतों को ठीक कर दिया गया है। लेकिन खतरा अभी टला नहीं। मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया है। बचाने का प्रयास किया जा रहा है। युवती की हालत नाजुक है। चिकित्सकों की गहन निगरानी में युवती का उपचार चल रहा है। हम मरीज की जान बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।- डॉ. नीलम सिंह, प्रमुख अधीक्षक, एसआरएन अस्पताल।