प्रयागराज (जितेंद्र शुक्ल)। राजपति सिंह मेमोरियल ट्रस्ट एवं सद्विप्र समाज सेवा शिविर के तत्वावधान में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर संगम क्षेत्र, प्रयागराज में स्नान-दान, संगम स्नान तथा भव्य भंडारे का आयोजन श्रद्धा, सेवा एवं आध्यात्मिक भाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का समापन भक्तिमय वातावरण में किया गया।
इस आयोजन की संरक्षक श्रीमती मंजू रानी चौहान (माननीय न्यायमूर्ति, इलाहाबाद उच्च न्यायालय) रहीं तथा विशिष्ट सहयोग डॉ. कल्पराज सिंह (सदस्य, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) का प्राप्त हुआ। शिविर का संचालन लगभग डेढ़ माह तक निरंतर सेवा भाव से वीरभद्र प्रताप सिंह, प्रवक्ता डायट प्रयागराज द्वारा किया गया।
इस अवसर पर पूज्य स्वामी कृष्णानंद जी महाराज के सानिध्य में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए महाशिवरात्रि पर्व को श्रद्धा, समर्पण, भक्ति और सेवा का प्रतीक बताया गया।माननीय न्यायमूर्ति ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में करुणा, संवेदना और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं तथा संगम की पावन भूमि पर किया गया सेवा-दान लोककल्याण की परंपरा को आगे बढ़ाता है। उन्होंने ट्रस्ट के सेवा-समर्पण की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।वहीं डॉ कल्पराज सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि महाशिवरात्रि केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, अनुशासन और लोकसेवा की भावना को जागृत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को सेवा और संस्कार का संदेश देते हैं। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी माघ मेला एवं अन्य अवसरों पर इसी प्रकार जनसेवा, भंडारा एवं धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
