बाराबंकी (राजेश सिंह)। बाराबंकी में विदाई से पहले पता चला कि दूल्हा किन्नर है। फिर क्या था शादी समारोह में हंगामा मच गया। किन्नरों ने दूल्हे को अपने साथ ले जाने की कोशिश की। घंटों ड्रामा चला। बराती दबे पांव नौ दो ग्यारह हो गए। फिर, बिना दुल्हन बरात लौट गई।
यूपी के बाराबंकी में कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव में बरात में शनिवार सुबह हंगामा खड़ा हो गया। विदाई से पहले पता चला कि दूल्हा किन्नर है। यह जानकारी के मिलते ही अधिकांश बराती और दूल्हे पक्ष के लोग मौके से भाग खड़े हुए। लड़की पक्ष के लोगों ने दूल्हे और उसकी मां को धर लिया।
लड़की के पिता के अनुसार, उनकी पुत्री का विवाह चार महीने पहले दिलौना निवासी बालचंद के पुत्र रिशु के साथ तय हुआ था। दो महीने पूर्व वरीक्षा और दिखाई की रस्में पूरी हो चुकी थीं और विवाह की तारीख 13 फरवरी निर्धारित थी।
तय कार्यक्रम के अनुसार बारात आई और विवाह की रस्में संपन्न हुईं। शनिवार सुबह कुछ किन्नर वहां पहुंचे और दूल्हे को अपने समुदाय का बताते हुए उसे साथ ले जाने का प्रयास करने लगे। यह बात पता चलते ही लड़की पक्ष स्तब्ध रह गया।
जैसे ही यह जानकारी सामने आई, बाराती तुरंत वापस लौट गए। लड़की पक्ष ने ग्राम प्रधान के माध्यम से दूल्हे के परिजनों को बुलाने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक कोई नहीं पहुंचा। स्थिति स्पष्ट न होने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के मध्य पंचायत कराकर मामला सुलझाने की कोशिश की।
देर शाम लड़के का मामा पहुंचे और आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया गया, जिसके बाद बारात वापस चली गई। कोठी थाना प्रभारी अमित सिंह भदौरिया ने बताया कि सूचना मिलने पर दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता करा दिया गया है।