प्रयागराज (राजेश सिंह)। कोल्ड स्टोरेज में हुई दर्दनाक घटना के बाद पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मामले में कोल्ड स्टोरेज के मालिक समाजवादी पार्टी की सरकार में रहे पूर्व मंत्री अंसार अहमद, उसके भतीजे कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर उस्मान, पूर्व मंत्री के करीबी असलम बाबा, मंजूर, अलाउद्दीन, जावेद, मो. इरफान और पांच अज्ञात के खिलाफ फाफामऊ थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सभी आरोपित चंद्रपुर फाफामऊ के निवासी हैं। पुलिस मुख्य आरोपित अंसार अहमद सहित कई को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
सोमवार को फाफामऊ थाना क्षेत्र में स्थित आदर्श काेल्ड स्टोरेज में अमाेनिया टैंक फंटने के बाद पूरा स्टोर भरभराकर ढह गया था। इससे चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हुई, जबकि 17 घायल हुए। मरने वालों में तीन मजदूर बिहार के निवासी थे। घायलों को अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इस घटना ने कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन से लेकर प्रशासन की भूमिका पर तमाम सवाल उठाए। मामले में अब फाफामऊ थाने के दारोगा कंबोद सिंह की तहरीर पर फाफामऊ पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज के मालिक, मैनेजर समेत 12 के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है।
एफआइआर में यह भी कहा गया है कि कोल्ड स्टोरेज में काम करने वाले मजूदरों को किसी प्रकार की ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। कोल्ड स्टोरेज जर्जर स्थिति में था। देखरेख और मरम्मत के लिए कोई टेक्नीशियन नहीं था और कोई मानक नहीं था।
मुनाफाखोरी के लिए क्षमता से बहुत ज्यादा स्टोरेज के अंदर अत्यधिक सामान रखा गया था। फिलहाल पुलिस एफआइआर दर्ज करने के बाद विवेचना शुरू कर दी है।
नामजद कुछ आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एसीपी थरवई अरुण पाराशर का कहना है कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। उधर, घटना के दूसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य जारी है।
अमोनिया गैस का असर काफी दूर तक है। कुछ लोग कोल्ड स्टोरेज से आलू भी उठाकर जाते हुए नजर आए। पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे मामले को छानबीन समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। वहीं, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व मंत्री अंसार अहमद समेत कई को हिरासत में लिया गया है।
