प्रयागराज (राजेश सिंह)। आगरा और अलीगढ़ में मानक के विपरीत सड़कों पर दौड़ रही स्कूली बस के कारण हुई छात्र की मौत को लेकर यहां के परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाया है। जिले में फिटनेस फेल 251 स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहन मालिकों को नोटिस दिया गया है। साथ ही जिन विद्यालयों से यह स्कूली बसें सबंद्ध हैं, वहां के प्रबंधतंत्र को भी नोटिस जारी किया गया है।
स्पष्ट तौर पर आरटीओ प्रशासन हिमेश तिवारी ने कहा है कि फिटनेस फेल स्कूली वाहनों से अगर कोई हादसा होता है तो सीधे तौर पर वाहन मालिक और स्कूल के प्रबंधन तंत्र जिम्मेदार होंगे। ऐसे वाहनों के बारे में पता लगाने में परिवहन विभाग की टीम को लगाया गया है।
जनपद में 2400 स्कूली वाहन परिवहन विभाग में पंजीकृत हैं। तीन दिन पहले ऑनलाइन इन वाहनों के कागजातों की जांच की गई तो पता चला कि 439 वाहनों के कागजातों में खामियां हैं। इसमें 251 वाहनों का जहां फिटनेस फेल है वहीं 188 वाहनों के सभी कागजात अपूर्ण हैं। जिस पर 188 वाहनों के पंजीयन को तत्काल निलंबित कर दिया गया। 251 वाहन स्वामियों को नोटिस दिया गया।
आरटीओ प्रशासन हिमेश तिवारी ने बताया कि विद्यालय प्राधिकारी द्वारा अपनी अध्यक्षता में नायब तहसीलदार, थानाध्यक्ष, बेसिक/माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों को सम्मिलित करते हुए विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति के गठन करने का प्रावधान है। इस समिति की बैठकें भी जुलाई, अक्टूबर, जनवरी व अप्रैल में अनिवार्य रूप से कराए जाने का नियम है। समिति का दायित्व है कि विद्यालय से संबंधित स्कूल वाहनों के समस्त दस्तावेज जैसे पंजीयन प्रमाण पत्र, स्वच्छता प्रमाणपत्र, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र, चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस का परीक्षण, ड्राइवर का पुलिस सत्यापन व प्रत्येक वर्ष में एक बार चालकों के स्वास्थ्य, नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजित करना है।
ऐसे में सभी विद्यालय संचालकों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर स्वयं सक्रिय होकर अपने विद्यालय में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन करने का निर्देश दिया गया है। ताकि स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन का पर्यवेक्षण हर स्तर से सुनिश्चित किया जा सके। एआरटीओ प्रशासन राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि एक से 15 अप्रैल तक जनपद में स्कूली वाहनों की सुरक्षा मानकों की जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस दौरान कोई स्कूली वाहन निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो वाहन के पंजीयन निलंबन से लेकर विद्यालय की मान्यता निरस्त किए जाने जैसी कार्यवाही होगी। साथ ही आवश्यकता होने पर स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। अभियान के दौरान ऐसे वाहनों का विशेष तौर पर चिन्हीकरण किया जाएगा जो बिना स्कूल परमिट के नियमित स्कूली बच्चों को परिवहन कर रहे हैं। ऐसे वाहनों से किसी दुर्घटना की दशा में उनके स्वामी और संबंधित स्कूल प्रबंधन पर आपराधिक अभियोग पंजीकृत कराए जाएंगे।
